इटावा। चिकित्सा विश्वविद्यालय, सैफई के कोविड-19 अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती 72 मरीजों इलाज आयुर्वेद एवं एलोपैथ के समायोजन से हो रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राजकुमार न्यूरो सर्जन के साथ ही न्यूरो आयुर्वेद में भी पीएचडी धारक आयुर्वेदाचार्य हैं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 मरीजों के इलाज में एलोपैथिक चिकित्सा के साथ ही सदियों से प्रचलित आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली को भी समाहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना मरीजों को आयुर्वेदिक काढ़ा दिन में दो बार सुबह 11 बजे और शाम को चार बजे दिया जाता है। इस आयुर्वेदिक काढे़ में सौंठ, अदरक, हल्दी, दालचीनी, लौंग, इलाइची, तुलसी और चीनी कको निश्चित मात्रा में मिलाया जाता है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती के समय सभी पॉजिटिव 72 मरीजों में से 67 एसिंप्टमेटिक थे। चार मरीजों को माइल्ड सिंप्टम था एवं एक मरीज को आक्सीजन की जरूरत थी। वर्तमान में आठ मरीज ही माइल्ड सिंप्टम वाले हैं और किसी भी मरीज में मॉडरेट या सीवियर सिंप्टम विकसित नहीं हुए हैं। कोई भी मरीज ऑक्सीजन या वेंटिलेटर पर नहीं है। आयुर्वेदिक काढे़ के उपयोग से मिल रहे सकारात्मक परिणाम से डॉक्टर उत्साहित हैं। ज्ञात हो कि गाइडलाइन के अनुसार मरीजों को एलोपैथिक दवाइयां भी दी जा रही हैं।
कुलपति ने यह भी बताया कि कोरोना मरीजों को हर सुबह ध्यान एवं कुछ योगासन भी कराए जा रहे हैं। इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि किसी भी गतिविधि से मरीज को शारीरिक थकावट व सांस की गति में वृद्धि ना हो। इन सारी प्रक्रिया के दौरान मरीज मास्क पहने रखते हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि आज नई लाउंड्री मशीनें क्रियाशील कर दी जाएंगी।