इटावा। जिले में वायरल, मलेरिया और जानलेवा डेंगू ने दस्तक दे दी है। भाजपा सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया भी वायरल बुखार की चपेट में हैं। इसकी जानकारी उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर दी है। जसवंतनगर थाने में तैनात महिला सिपाही की ब्लड रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है। जसवंतनगर इलाके में भी कई लोग वायरल और डेंगू की चपेट में हैं। उधर, बसरेहर ब्लॉक के संतोषपुर घाट गांव में बड़ी संख्या में लोग वायरल बुखार से ग्रसित हैं। सीएमओ डॉ. भगवान दास खुद टीम लेकर गांव पहुंचे। मरीजों की जांचकर दवाएं बांटी।
संतोषपुरा घाट गांव में किसी को वायरल बुखार, किसी को मलेरिया तो कोई डेंगू होने की बात कर रहा है। ज्यादातर लोग घरों में पड़े हैं और आसपास के डॉक्टरों से इलाज कर रहे हैं। गुरुवार दोपहर बाद सीएमओ को गांव में बीमारी फैले होने की जानकारी हुई। सीएमओ खुद डॉक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ की टीम के साथ गांव पहुंच गए।
सीएमओ ने बताया कि गांव में तमाम लोग बीमार है। गांव के करीब 42 लोगों के ब्लड व स्वास्थ्य की जांच कराई गई है। इनमें अधिकांश वायरल फीवर से पीड़ित मिले हैं। दो मरीजों को टाइफाइड और कुछ में मलेरिया की पुष्टि हुई है। बीमार लोगों को दवाएं भी दी गई हैं।
जसवंतनगर। क्षेत्र में डेंगू बुखार का प्रकोप बढ़ने लगा है। थाने में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी की तबीयत खराब होने के बाद जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई है। महिला पुलिसकर्मी पिछले कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थी।
स्थानीय चिकित्सकों से दवा लेने के बावजूद तबीयत बिगड़ गई। सहकर्मियों ने जांच करवाई तोडेंगू की पुष्टि हुई। महिला सिपाही को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया गया। सीएचसी अधीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि उनके यहां रोजाना करीब 35-40 लोगों की मलेरिया, डेंगू की जांच कराई जा रही है। महिला पुलिसकर्मी में डेंगू की पुष्टि हुई है।
जिला अस्पताल में भी खांसी, जुकाम व बुखार आदि के मरीजों की संख्या पिछले एक सप्ताह से तेजी से बढ़ी है। रोजाना 250 से 300 मरीज वायरल फीवर के शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। यह तो सरकारी आंकड़ा है।
इससे कई गुना ज्यादा मरीज प्राइवेट अस्पतालों और डाक्टरों से इलाज करा रहे हैं। पड़ोसी जिले फिरोजाबाद में पिछले कुछ दिनों में कई बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं डेंगू की चपेट में हैं। इसे देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। इसके अलावा कई और गांवों में संक्रामक बीमारियां फैली हैं।