इटावा। बिना परीक्षा दिए उत्तीर्ण होने वाले 473 छात्र बोर्ड के परीक्षाफल से संतुष्ट नहीं हैं। वे अब परीक्षा देकर अंक हासिल करेंगे। यूपी बोर्ड इन छात्रों की अलग से परीक्षा कराएगा। फिलहाल इन छात्रों का पूर्व में घोषित परिणाम अमान्य कर दिया जाएगा।
इस बार कोरोना संक्रमण के कारण पूरे साल हाईस्कूलऔर इंटर की पढ़ाई नही हो सकी। यूपी बोर्ड ने आनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की। पाठ्यक्रम में भी कटौती की। इसके बाद भी परीक्षा कराने का माहौल नहीं बन सका।
कोरोना संक्रमण का खतरा बराबर बना रहा। ऐसे में यूपी बोर्ड ने कक्षा 9 से 12 तक के सभी छात्र छात्राओं को बिना परीक्षा के ही उत्तीर्ण घोषित कर दिया। कक्षा 10 और 12 के परीक्षाफल के लिए पिछली कक्षाओं में प्राप्त किए गए अंकों को बेस बनाकर परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।
यूपी बोर्ड ने परीक्षाफल घोषित करने के बाद यह तय किया कि जो छात्र छात्राएं इस परीक्षाफल से संतुष्ट नहीं हों वे परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। उन्हें परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए परीक्षा देने के छात्र छात्राओं से 27 अगस्त तक अपने अपने विद्यालयों आवेदन करने को कहा गया।
इन आवेदनों को प्रधानाचार्यों के माध्यम से 29 अगस्त तक बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कराया गया। अंतिम तिथि तक हाईस्कूल के 284 और इंटरमीडिएट के 189 छात्र छात्राओें ने परीक्षा में शामिल होने का आवेदन किया। अब इन सभी 473 छात्र छात्राओं की परीक्षा करायी जाएगी।
18 सिंतबर से छह अक्तूबर के बीच होगी परीक्षा
इटावा। आवेदन करने वाले छात्र छात्राओं की परीक्षा 18 सितंबर से छह अक्तूबर के बीच होगी। बोर्ड के निर्देश पर परीक्षा केंद्र तय किए जाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक राजू राणा ने बताया कि आवेदकों का 31 जुलाई को घोषित किया गया परीक्षाफल अमान्य कर दिया जाएगा। अब परीक्षा में प्राप्त होने वाले अंक ही मान्य होंगे। सभी छात्रों की सूचना बोर्ड मुख्यालय को भेज दी गई है। निर्देश मिलते ही परीक्षा संपादित कराई जाएगी।