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हंसा प्रजाति का बकरा सबसे उत्तम नस्ल का घोषित

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फोटो संख्या 23 चकरनगर बकरी पालन से बढ़ेगी आर्थिक आए विलुप्त हो रही प्रजाति को संरक्षित भी किया जा ? - फोटो : ETAWHA
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इटावा। विश्व विख्यात जमुनापारी बकरी को विलुप्त होने से बचाने के लिए बृहस्पतिवार को निरंजन इंटर कॉलेज राजपुर प्रांगण में जिलास्तरीय जमुनापारी बकरी मेले का आयोजन किया गया। एक दशक के अंतराल के बाद लगे इस मेले में दूर दराज के क्षेत्रों से व्यापारियों ने हिस्सा लिया। मेले में हंसा प्रजाति के बकरे को उत्तम नस्ल का घोषित किया गया।
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जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने मेले का शुभारंभ किया। मेले में पहुंचे बकरी पालकों से बातचीत कर डीएम ने उनकी समस्याओं को समझा। डीएम ने बताया कि विलुप्त हो रही जमुनापारी बकरी की प्रजाति को संरक्षित करने के लिए सरकार ने जेनिटेक इंप्रूवमेंट ऑफ गोट एंड शीप योजना लागू की है।
इसके तहत पशुपालकों को बकरी पालन के लिए गांव गांव प्रशिक्षित किया जाएगा। ताकि प्रजाति को बढ़ावा मिल सके। इस दौरान सीडीओ राजा गणपति आर, एसडीएम सत्य प्रकाश मिश्रा, सीओ मस्सा सिंह, डॉ.एसपी वर्मा, डॉ.विनीत पांडे, डॉ.गोपाल दास, डॉ.शरद यादव, डॉ.सोमेश निगम, डॉ.नरेश यादव, डॉ.केपी सिंह, डॉ.एमपी सिंह, डॉ.प्रमोद सिंह, डॉ.माला सिंह, डॉ.मंजू दोहरे आदि मौजूद रहे ।
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साढ़े तीन लाख तक लग चुकी है बकरे की कीमत
एक दशक बाद लगे जमुनापारी बकरी मेले में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। ब्लॉक से चकरनगर के टिटावली गांव का हंसा प्रजाति का बकरा मेले में सबसे उत्तम नस्ल का चुना गया। बकरी पालक उदल सिंह ने बताया कि इस बकरे की कीमत मुंबई में साढे़ तीन लाख रुपये तक लग चुकी है। वह अपने बकरे को 6 लाख रुपये से कम में नहीं बेंचेगा।
गोट शेड से मिलेगा बढ़ावा
जनपद में कई गोटशेड बनवाए गए हैं। जिसमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से बकरियों का संरक्षण किया जाता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बहुत परिवारों को जमुनापारी बकरी के बारे में जानकारी नही है। जो लोग बकरी पालन का व्यवसाय करना चाहते हैं। वह इसकी जानकारी करे। वैज्ञानिक डा.गोपाल दास ने बताया कि इस येाजना के तहत चयनित 30 बकरियों पर 01 बकरा निशुल्क प्रजनन के लिए दिया जाएगा।
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