भरथना। किसानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। वह दिन भी आएगा जब कृषि कानून सरकार को वापस लेने ही होंगे।
यह बात लखीमपुर खीरी में शहीद किसानों की अस्थि कलश यात्रा के भ्रमण के दौरान इलाके के कई गांवों में हुई जनसभाओं में किसान नेताओं ने कही। क्षेत्र के कुर्रा, नगला भोज, ऊमरसेङा, नगला भारा, रमायन तथा भरथना नगर क्षेत्र में किसानों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
वक्ताओं ने कहा कि आज एकजुटता ही हमारे खेती किसानी को बचा सकती है। उन्होंने 14 नवंबर को भरतिया चौराहे ताखा एवं 22 नवंबर को लखनऊ में होने वाली रैली में भाग लेने की अपील की।
सभाओं को किसान सभा के जिलाध्यक्ष रामप्रकाश गुप्ता, नाथूराम यादव, किसान यूनियन के संजीव किसान, संतोष शाक्य, वीरेंद्र सिंह यादव, आपेंद्र कुमार प्रधान, शिवराम सिंह, दुर्ग विजय सिंह शाक्य, इतवारीलाल, सुरेश सिंह यादव ने भी संबोधित किया।
संचालन अनिल दीक्षित ने किया। सोमवार को अस्थि कलश यात्रा आंबेडकर चौराहा इटावा से यमुना घाट के लिए रवाना होगी।