फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सबीना ने चक्की में पीस डालीं समस्याएं

विज्ञापन
भरथना में चक्की चलाती महिला शबीना। संवाद - फोटो : ETAWAH
विज्ञापन
भरथना। छोटी सी उम्र में माता पिता का साया छिना तो छोटी बहनों के पालन पोषण की जिम्मेदारी के लिए पिता के छोटे से कारोबार चक्की का जिम्मा अपने सिर पर ले लिया। भरथना निवासी सबीना उर्फ भूरी पिछले छह साल से आटे की चक्की चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रही हैं।
विज्ञापन

जवाहर रोड निवासी सिराजुद्दीन की पहली पत्नी जन्नत बेगम का 2002 में निधन हो गया था। पांच बेटियों फरजाना, सबीना, सोनी, फरहीन व उजमा की देखभाल के लिए पिता ने दूसरा निकाह नूरजहां से किया। उससे परिवार में एक पुत्र अरमान का जन्म हुआ। आर्थिक तंगी से जूझ रहे सिराजुद्दीन ने बड़ी पुत्री फरजाना का निकाह 2008 में कर दिया। सांस का मरीज होने की वजह से सिराजुद्दीन का निधन वर्ष 2016 में हो गया। इसके बाद घर चलाना मुश्किल हो गया। ऐसे में दूसरे नंबर की बेटी सबीना उर्फ भूरी ने 20 वर्ष की आयु में परिवार के भरण-पोषण का जिम्मा उठाया। पुरुषों का काम कहे जाने वाले पिता के चक्की का कारोबार संभाल लिया। छह वर्षों से वह अपनी बहनों, सौतेली मां और भाई का चक्की चलाकर ही पालन पोषण कर रही हैं। छोटे भाई-बहनों को पढ़ाने के साथ ही घर पक्का बनवा लिया है।
वर्ष 2021 में स्नातक की शिक्षा पूरी कर चुकी सबीना ने दो वर्ष पहले छोटी बहन सोनी का निकाह धूमधाम से कराकर पिता जैसी जिम्मेदारी निभाई। छोटे भाई बहन फरहीन (19), उजमा (17) व अरमान (14) ने बताया कि दीदी सबीना की मेहनत व देखरेख ने पिता की कमी का अहसास ही नहीं होने दिया।
विज्ञापन

पीएम कौशल विकास योजना के तहत नर्सिंग का प्रशिक्षण ले चुकी सबीना ने छोटी बहन सोनी की शादी के लिए दिल्ली के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में तीन माह नर्सिंग की नौकरी भी की है। सबीना बताती हैं कि हाईकोर्ट व रेलवे विभाग सहित अन्य सरकारी विभाग की रिक्तियों में फॉर्म डालकर सरकारी नौकरी का प्रयास किया। सफलता नहीं मिली, लेकिन उम्मीद नहीं छोड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें