फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिलचस्प किस्सा: जब कल्याण ने की थी हॉटलाइन पर राम लला से बात, हो गई थी बारिश बंद और फिर उनका यह स्टाइल ही बन गया

Sun, 22 Aug 2021 06:51 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा

सार

राम मंदिर आंदोलन के हीरो रहे पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह भाजपा के शायद एकमात्र ऐसे नेता थे, जो अपने परिचितों को नाम से पहचानते थे।
विज्ञापन
कल्याण सिंह (1932 - 2021): मीडिया से बात करते कल्याण सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वर्ष 1991 में प्रदेश की सत्ता में काबिज होने के बाद भाजपा का राष्ट्रीय अधिवेशन इटावा में हुआ था, जिसमें मुख्यमंत्री रहते हुए कल्याण सिंह भी शामिल हुए थे। यहां एक ऐसा वाक्या हुआ कि सभी लोग दंग रह गए। यह वाक्या था अधिवेशन के दौरान बारिश होने का।
विज्ञापन


तब कल्याण सिंह ने कहा कि वह अभी रामलला से हॉटलाइन पर बात करते हैं, और उनके बात करने के कुछ देर बाद ही बारिश बंद हो गई थी। यह बात फिर उनका स्टाइल बन गया था। राष्ट्रीय अधिवेशन का दौर कल्याण सिंह का था। उस समय उनकी पताका फहराती थी।

वह एक मात्र हिंदूवादी चेहरे वाले नेता थे। उनका जलवा इस कदर था कि बड़ी संख्या में लोग उनका भाषण सुनने आते थे। वह जनसभा को संबोधित करने से पहले हॉटलाइन पर राम लला से बात करते थे। राम मंदिर आंदोलन के हीरो रहे पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह भाजपा के शायद एकमात्र ऐसे नेता थे, जो अपने परिचितों को नाम से पहचानते थे।
विज्ञापन

उनका इटावा से काफी गहरा नाता था। जून 1991 में भाजपा की सरकार बनी और पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया। इसके कुछ महीने बाद जीआईसी मैदान में भाजपा का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ था। जिसमें कल्याण सिंह अपनी पूरी कैबिनेट के साथ शामिल हुए थे। इसमें पूर्व पीएम स्व.अटल बिहारी बाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी भी शामिल हुए थे।

कल्याण सिंह कई बार आए इटावा
कल्याण सिंह का इटावा से गहरा लगाव रहा, और वह कई बार यहां आए। राम मंदिर आंदोलन के दौरान छैराहा में 1999 में, पुरबिया टोला तलैया मैदान में 1996 में आए। 2004 में उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, कलराज मिश्र व कल्याण सिंह ने जीआईसी मैदान में लोकसभा चुनाव की जनसभा को संबोधित किया था।
विज्ञापन

इस चुनावी जनसभा की खास बात ये थी कि छिपैटी निवासी व भाजपा नेता अरविंद दीक्षित ने अपने दम पर 300 मुस्लिमों को भाजपा की सदस्यता दिलवाई थी। इसकी पूरे देश में चर्चा हुई थी। वैसे कल्याण सिंह की चुनावी जनसभा सूखाताल में ही होती थी। यह क्षेत्र लोधी राजपूत बाहुल्य है।

अशोक दुबे से थे अच्छे संबंध
कल्याण सिंह के अशोक दुबे से अच्छे संबंध थे। राजस्थान के राज्यपाल रहते हुए वह अजमेर में उनकी बेटी के घर भी गए थे। राज्यपाल रहते हुए उनका स्नेह इटावा वालों के प्रति काफी गहरा रहा, कभी भी कोई व्यक्ति गया तो इटावा के नाम से ही उन्होंने बुलवाया। इटावा में वे किसी के घर जरूर नहीं गए, लेकिन सैकड़ों लोगों को नाम से जानते थे। जब भी मैनपुरी या फर्रुखाबाद जाना होता था, वह इटावा होकर ही जाते थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें