इटावा। ग्राम विकास अधिकारी दबाव बनाकर कार्य कराने की नीति का विरोध करेंगे। यह फैसला शनिवार को लोक निर्माण विभाग के संघ भवन में आयोजित एसोसिएशन की बैठक में लिया गया। बैठक में एसोसिएशन के दो पदाधिकारियों को पदमुक्त करते हुए जिला इकाई का पुर्नगठन किया गया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरन सिंह ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारियों का माह अप्रैल का वेतन अनावश्यक रूप से रोका गया है। इसकी वजह से माह जुलाई में लगने वाली वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस वेतन का भुगतान जल्द किया जाए।
उन्होंने कहा कि पुराने कार्यों का भुगतान अभी तक नहीं हो पा रहा है। फिर भी नए कार्य जबरन कराने का दबाव अधिकारी बना रहे हैं। कई पंचायत घरों के निर्माण के लिए दूसरी किश्त जारी नहीं हुई है। पंचायत घर पूर्ण कराने का दबाव है। अब कर्मचारी दबाव में काम नहीं करेंगे।
ब्लाक ताखा में मनरेगा सहायक, कंप्यूटर आपरेटर विकास खंड पर मस्टर रोल जारी करने व आईडी बनाने में परेशान कर रहे हैं। भरथना ब्लाक के बब्बू राजा ने बताया कि ब्लाक में प्रधानमंत्री आवास योजना की मजदूरी अंश बिना सचिव के हस्ताक्षर के ही दूसरे जाबकार्ड धारकों के खातों में डाली जा रही है।
इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। सचिवों को एडीओ का चार्ज दे दिया जाता है। यह नियम विरुद्घ है। बैठक में शरद कुमार को संगठन मंत्री और लता राजपूत को उपाध्यक्ष पद के अनुरूप कार्य न कर पाने के कारण पद से हटाने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा महेश राजपूत को वरि उपाध्यक्ष, अशोक परिहार और विवेक तिवारी को उपाध्यक्ष, मनोज मिश्रा, अजय कुमार, राजीव यादव और आभा को संगठन मंत्री, अवनीश यादव को मीडिया प्रभारी, जितेंद्र यादव को संयुुक्त मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में मृदुल शर्मा, जितेंद्र कुमार, नागेंद्र प्रकाश, अशोक परिहार, उमाकांत, अजय यादव आदि ने भाग लिया।