इटावा। किसान के साथ मारपीट व जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने पर कोर्ट ने आरोपी पिता, पुत्र व नाती को तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विशेष शासकीय अधिवक्ता रमाकांत चतुर्वेदी ने बताया कि बसरेहर के नगला नघा गांव निवासी किसान 17 जनवरी 2015 को अपने घर के बाहर बैठा था।
इस बीच गांव का कल्लू अपने बेटे आदित्य, नाती रोहित और चार अज्ञात लोगों के साथ आया। कल्लू ने किसान पर तमंचे से गोली चला दी। किसान ने जमीन में लेटकर अपनी जान बचाई।
इस दौरान कल्लू आदि ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर आरोपी ने घर में घुसकर मारपीट की। बीच बचाव को आई उसकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ भी की।
पीड़ित ने मामले की शिकायत 100 डायल पर की थी। इसके बाद पीड़ित की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। पीड़ित ने 19 जनवरी 2015 को तत्कालीन एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद पीड़ित ने कोर्ट की मदद ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 28 जनवरी को आरोपियों के खिलाफ बलवा, हत्या का प्रयास, घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ व एससी/एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की।
पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जो अभी जमानत पर थे। बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी (पी.ए.) एक्ट सुरेश चंद्र भारती ने तीनों को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही आरोपियों पर सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।