सैफई। मानव रक्त की तस्करी के मामले में गिरफ्तार सरगना डॉ.अभय प्रताप सिंह यूपी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइसेंज, सैफई में असिस्टेंट प्रोफेसर और ब्लड बैंक प्रभारी के साथ ही नोडल अफसर की जिम्मेदारी संभाल रहे है।
उनके गिरफ्तार किए जाने की सूचना उनके परिवार को गुरुवार शाम मिली। परिवार सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में बने सरकारी आवास में ही रहता है। आरोपी यूनिवर्सिटी प्रशासन को बिना सूचना दिए ही ड्यूटी से गायब था।
एसटीएफ की टीम ने गुरुवार को लखनऊ से आगरा जाने वाले टोल प्लाजा के पास कार से जा रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर कार में रखे गत्तों में 100 यूनिट ब्लड, ब्लड बैंकों के फर्जी प्रपत्र व रक्तदान शिविर का बैनर समेत तमाम सामान व दस्तावेज बरामद हुआ था।
पूछताछ में कार पर सवार एक व्यक्ति ने अपना नाम डॉ.अभय प्रताप सिंह और दूसरे ने खुद को सपना इंक्लेव थाना पीजीआई निवासी अभिषेक पाठक बताया था।
एसटीएफ ने सख्ती से पूछताछ की, तो दोनों ने बताया कि वह लोग मानव रक्त की तस्करी करते हैं। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक मानव तस्कर गैंग का सरगना डॉ.अभय प्रताप सिंह एमबीबीएस और एमडी है। वह सरदार पटेल डेंटल कॉलेज रायबरेली रोड लखनऊ का रहने वाला है।
वर्तमान में डॉ.अभय यूपी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइसेंज सैफई, इटावा में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। डॉ.अभय की गिरफ्तारी के बारे में पूछे जाने पर मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा ने बताया कि डॉ.अभय यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं।
वह ब्लड बैंक प्रभारी व नोडल अफसर भी हैं। गुरुवार को डॉ. अभय ड्यूटी पर नहीं आए थे। न ही छुट्टी के लिए आवेदन ही किया था। डॉ. अभय की गिरफ्तारी के बारे में अधिकृत जानकारी नहीं मिली है। पुलिस अथवा एसटीएफ की तरफ से सूचना मिलने पर डॉ. अभय को निलंबित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।