इटावा। विश्व ओजोन दिवस पर सामाजिक वानिकी प्रभाग रेंज चकरनगर, बढ़पुरा और सोसायटी फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (स्कान) के तत्वाधान में रेंज परिसरों में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया।
स्कॉन महासचिव पर्यावरणविद डा.राजीव चौहान ने बताया कि ओजोन परत पृथ्वी को सूर्य की पराबैंगनी किरणों के दुष्प्रभाव से बचाती हैं । बढ़ते प्रदूषण से इस परत को क्षति पहुंची है।
वैज्ञानिक शोध से ज्ञात हुआ है कि लॉकडाउन के चलते वैश्विक प्रदूषण में दो प्रतिशत की कमी आयी है। जो पर्यावरण बेहतरी के लिए शुभ संकेत है।
चकरनगर वन क्षेत्राधिकारी शिव कुमार सिंह ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से हो रहे जलवायु परिवर्तन में ग्रीन हाउस गैसों कार्बन डाई ऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, हैलो कार्बन (क्लोरोफ्लोरो कार्बन, हाइड्रोफ्लोरो कार्बन, कॉर्बन टेट्राक्लोराइड) की भूमिका है। वायुमंडल में इनकी वृद्धि से पृथ्वी का तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
वन क्षेत्राधिकारी बढ़पुरा अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पहला ओजोन दिवस 16 सितंबर 1995 को मनाया गया था। इस दौरान स्कॉन सचिव संजीव चौहान, वन दरोगा सूर्यकांत शुक्ला, ताबिश अहमद, डिप्टी सिंह, सरमोहन सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम को सफल बनाने मे वन विभाग एवं संस्था स्कॉन के अधिकारी व पदाधिकारी संदीप यादव, अनिल चौहान, रविंद्र मिश्रा, अमरेश कुमार, अवधेश यादव, दिनेश चौहान आदि रहे।