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दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव पर चल रहा है रिसर्च: प्रो.रमाकांत यादव

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फार्माकोविजलेंस सप्ताह में कुलपति प्रो0 रमाकान्त यादव को स्मृति चिन्ह प्रदान करती डॉ. आशा पाठक। - फोटो : ETAWAH
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सैफई। फार्माकोविजिलेंस विषय चिकित्सा जगत के लिए महत्वपूर्ण है। यह मरीज के स्वास्थ्य व जीवन से जुड़ा हुआ है। सही दवा जहां मरीज को ठीक कर सकती है। वहीं, गलत दवा के कई प्रतिकूल प्रभाव सामने आ सकते हैं।
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वर्तमान में दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव पर रिसर्च चल रहा है। ताकि पता चल सके कि किन दवाओं का प्रतिकूल प्रभाव हैं और किन-किन दवाओं को मरीजों को नहीं दिया जाना चाहिए।
यह बात उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. रमाकांत यादव ने शुक्रवार को फार्माकोलॉजी विभाग की तरफ से फार्माकोविजिलेंस सप्ताह पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों की शुरुआत करते हुए कही।
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कार्यक्रम में संयोजक व विभागाध्यक्ष डॉ.आशा पाठक ने कहा कि दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव के बारे में जांच के लिए विश्वविद्यालय की ओपीडी में एडीआर सेल खोला गया है।
यदि कोई मरीज या परिजन यहां आ पाने में समर्थ नहीं हैं, तो वह एडीआर सेल के नंबर 05688-276131 या मोबाइल नंबर- 9410646131 पर संपर्क कर दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव पर अपनी जानकारी दे सकता है। गोष्ठी में डॉ. आलोक कुमार, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. आईके शर्मा, डॉ. आलोक दीक्षित, डॉ.चंद्रवीर सिह, डॉ. विनय गुप्ता आदि रहे।
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