बकेवर। थाना क्षेत्र के राहतपुर गांव में सोमवार शाम बहन को मोबाइल पर किसी से बात करता देख बड़े भाई ने डांट दिया। इस पर उसने कमरे में पंखे के कुंडे से दुपट्टे के सहारे फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
सीओ ने बताया कि युवती की शादी परिजनों ने एक गांव में तय की थी, जिससे वह खुश नहीं थी। परिजनों ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
राहतपुर गांव निवासी मार्गश्री की बेटी रंजना (19) अपनी ताई केसरवती के पास रहती थीं। ताई ने बताया कि सोमवार शाम को रंजना मोबाइल पर किसी से बात कर रही थी।
यह देख बड़े भाई गोलू ने उसे डांट दिया था। इससे गुस्सा होकर उसने रात में खाना भी नहीं खाया और बरामदे में सो गई। देर रात रंजना उठी और कमरे में जाकर पंखे के कुंडे से दुपट्टे के सहारे फांसी लगा ली।
मंगलवार सुबह भाई गोलू की आंख खुली तो बहन को नहीं देख कमरे में गया तो उसका शव फंदे पर लटका मिला। गोलू ने जानकारी परिजनों को दी। परिजनों ने शव को फंदे से उतारकर सुबह ही खेतों में अंतिम संस्कार कर दिया।
इसी बीच किसी ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी। सूचना पर सीओ भरथना विजय सिंह, बकेवर थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह गांव पहुंचे, लेकिन तब तक युवती का शव जल चुका था।
पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की। सीओ विजय सिंह ने बताया कि युवती की दो साल पहले शादी तय हुई थी, लेकिन उम्र 17 साल होने की वजह से शादी नहीं हो सकी थी।
वर्तमान में युवती के परिजनों ने उसकी शादी कहीं और तय कर रखी थी, जिससे चलते वह खुश नहीं थी। युवती फोन पर किसी से बात करती थी।
सोमवार को युवती को बात करते देख भाई ने डांटा था। मृतका की ताई की तहरीर पर गोलू के खिलाफ बहन को आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।