इटावा। झारखंड के पूर्व सीएम के राजनीतिक सलाहकार रहे सुनील तिवारी को पकड़ने पहुंची रांची पुलिस को कमरे के बाहर देखकर ही आरोपी की तबियत खराब होने लगी थी। इसके चलते रांची पुलिस ने इटावा पुलिस से सुरक्षा की मांग करते हुए उसे सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय में भर्ती कराया।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के राजनीतिक सलाहकार पर आदिवासी युवती ने दुष्कर्म, छेड़छाड़ व एससी/एसटी एक्ट के तहत रांची के अरगोड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज है। इसके बाद से आरोपी खुद को बचाने के प्रयास में लगातार कोर्ट के चक्कर लगा रहा है।
सिविल कोर्ट ने उसकी जमानत खारिज कर वारंट जारी किया, तो वह हाईकोर्ट पहुंच गया। पुलिस से छुपने के लिए वह रात को लखनऊ से कार से सैफई के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 104 पर बने फूड प्लाजा के कमरा नंबर 103 पर रुका था।
सलाहकार के कमरे में जाने के बाद कार सवार लोग इटावा से दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। जब रविवार दोपहर रांची पुलिस फूड प्लाजा में पहुंची और प्लाजा में मौजूद मैनेजर व कर्मचारी से पूछताछ कर कमरा नंबर 103 के पास पहुंची।
दरवाजे के बाहर रांची पुलिस को देखकर सुनील तिवारी की तबियत खराब होने लगी। उसने स्वास्थ्य का हवाला दिया, तो पुलिस उसे मेडिकल परीक्षण के लिए सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय लेकर पहुंची। जहां देखने पर उसका स्वास्थ्य ठीक लग रहा था। वह बेड पर बैठे था।
सुरक्षा के नाम पर मिले सिर्फ दो सिपाही
रांची पुलिस ने इटावा पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी। इसके बदले में इटावा पुलिस ने सैफई थाने के दो सिपाही अस्पताल में तैनात कर सुरक्षा का फर्ज पूरा कर दिया, जो अपनी जिम्मेदारी से सुरक्षा में लगे है।