नर्सिंग होम के बाहर हंगामा करते परिजन
- फोटो : ETAWAH
इटावा। ऊसराहार कस्बे में शुक्रवार रात प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने गांव की आशा व प्रसव करने वाली डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करते हुए पुलिस से शिकायत की। पुलिस तहरीर लेकर मामले की जांच कर रही है।
कस्बा निवासी कृपाल कुमार ने बताया कि शुक्रवार को पत्नी सीटू को प्रसव पीड़ा होने पर आशा को सूचना दी। आशा सीएचसी में भर्ती कराने की जगह पत्नी को एक प्राइवेट नर्सिंग होम ले गई।
जहां मौजूद महिला डॉक्टर बोली कि प्रसव का समय हो गया है। उसने पत्नी को भर्ती कर लिया। रात करीब साढ़े दस बजे पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया।
इसके बाद डॉक्टर ने जच्चा-बच्चा की हालत ठीक बताते नर्सिंग होम से छुट्टी कर 11 हजार रुपये जमा करा लिए। इसके बाद वह पत्नी को लेकर घर आ गए। आरोप है कि रात करीब दो बजे बच्चे की तबियत खराब होने लगी।
उसने महिला डॉक्टर को कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। वह बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बच्चे का शव लेकर वह लोग नर्सिंग होम पहुंचे और महिला डॉक्टर व आशा के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। थानाध्यक्ष तेज सिंह ने बताया कि तहरीर लेकर मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
बच्चे में थी पानी की कमी
नर्सिंग होम की डा. प्रिया वर्मा का कहना कि बच्चे में पानी की कमी थी। मैंने बच्चे की गारंटी नहीं ली थी। प्रसव कराने से भी मना कर दिया था लेकिन परिजन नहीं माने तो डिलेवरी सही तरीके से कराई गई थी। प्रसव के बाद बच्चा काफी सुस्त था, उसे ऑक्सीजन लगाकर पूरी तरह से स्वस्थ करके क्लीनिक से घर भेजा गया था। बोला गया था कि बच्चे को अगर किसी प्रकार की कोई दिक्कत हो तो वह उसे इटावा किसी बाल रोग विशेषज्ञ के पास ले जाए। परिजन अब बेवजह के आरोप लगा रहे हैं।