रिषदीय विद्यालय की छत से गुजरती विद्युत लाइन व स्कूल परिसर में लगा ट्रांसफार्मर
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ताखा (इटावा)। स्कूल भवनों के आसपास से भी बिजली की हाईटेंशन लाइनें निकालने की अनुमति नहीं है लेकिन ताखा ब्लाक के 12 स्कूलों भवनों और परिसरों से हाईटेंशन लाइनों के तार डाले गए हैं। इन तारों के नीचे सुरक्षा जाल तक नहीं लगा है। बच्चों व स्टाफ के सिर पर मंडराती मौत को अधिकारियों ने मजाक बना लिया है। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कहते हैं कि हाईटेंशन लाइन वाले स्कूलों की सूची बिजली विभाग को दी जा चुकी है जबकि एसडीओ किसी तरह की मौखिक और लिखित सूचना मिलने से इनकार कर रहे हैं।
ताखा ब्लाक में 105 प्राथमिक, 25 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 32 कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें 12 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों के भवनों या परिसर से बिजली की लाइनें निकली हैं। कई विद्यालयों के परिसरों में ट्रांसफार्मर भी रखे हैं। स्कूल परिजनों और भवनों के ऊपर से निकली लाइनें के नीचे सुरक्षा जाली (गार्डिंग) भी नहीं लगाई गई है। तार टूटने पर सीधे छत या जमीन पर गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है।
बीईओ उपेंद्र कुमार भारती ने बताया कि जिस स्कूलों से निकली हाईटेंशन लाइनें निकलीं हैं उनकी सूची बिजली विभाग के अधिकारियों को दी जा चुकी है। अभी तक लाइनों को हटाया नहीं गया है। एसडीओ ऊसराहार पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि स्कूलों से निकली बिजली लाइनें की उन्हें जानकारी नहीं है। इस तरह की कोई सूचना भी शिक्षा विभाग की ओर से नहीं दी गई है।
इन स्कूलों के ऊपर से निकली हैं हाईटेंशन लाइनें
प्राथमिक विद्यालय बदकनशाहपुर, प्राथमिक विद्यालय उदयपुर खुर्द, प्राथमिक विद्यालय नगला चतुर, प्राथमिक विद्यालय विद्यालय नगला झावर, प्राथमिक नगला जलाल, कंपोजिट विद्यालय समथर, कंपोजिट विद्यालय मुर्चा, कंपोजिट विद्यालय भाऊपुरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय कदमपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय पुरैला और उच्च प्राथमिक विद्यालय उदयपुर कलां।