इटावा। देश में कोरोना की संभावित तीसरी लहर दस्तक दे चुकी हैं। ऐसे में मामले भी बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र में 51 हजार से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव लोग मिले हैं। वहीं केरल में भी संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।
ऐसे में जहां रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच प्रक्रिया तेज होनी चाहिए। वहीं रेलवे स्टेशन पर टेस्टिंग के नाम पर खानापूर्ति और बस स्टैंड पर लड़ाई बंद हो चुकी है।
इन दिनों जिले में वायरल बुखार का प्रकोप तेजी से फैला हुआ है। ऐसे में लोग बुखार के अलावा खांसी जुकाम से ग्रसित हो रहे हैं। मौके की नजाकत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की डेंगू, मलेरिया के अलावा कोविड जांच शुरू करा दी है।
डाक्टरों का कहना है कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर का खतरा अभी टला नहीं है। इन हालातों को देखते हुए लोगों को काफी सावधानी बरतने की आवश्यकता हैं लेकिन बाहर से आने वाले लोगों से उन्हें कैसे बचाया जाए। यह महज खानापूर्ति तक सीमित है।
मंगलवार को रेलवे स्टेशन व बस अड्डे पर कोविड हेल्प डेस्क की जांच पड़ताल की गई। रेलवे स्टेशन पर कोविड हेल्प और कर्मचारी नजर आए, लेकिन रोडवेज बस अड्डा पर कोविड हेल्प डेस्क पर कर्मचारी नहीं नजर आए।
रेलवे स्टेशन पर कोविड हेल्प डेस्क के कर्मचारी सतेंद्र यादव व जयंत प्रकाश ने बताया उनकी ड्यूटी सुबह 10 से दोपहर 2 तक की है। इस दौरान जो भी ट्रेन आती है उनसे आने व जाने वाले यात्रियों की एंटीजन जांच करते हैं, रोजाना 50 यात्रियों की जांच करते हैं।
अब सवाल ये है कि रेलवे स्टेशन से बड़ी संख्या में खासकर परिवार के साथ सफर कर रहे हैं। ऐसे में सिर्फ 50 लोगों की कोविड जांच करने की बात समक्ष से परे है। स्टेशन पर दो जोड़ी शताब्दी एक्सप्रेस समेत कई अन्य स्पेशल ट्रेनों का ठहराव है।
पूरे दिन नहीं रहते कोविड जांच कर्मी
स्टेशन अधीक्षक पीएम मीना का कहना है कि कोविड जांच करने वाले स्वास्थ्य कर्मी पूरे दिन नहीं रहते। जंक्शन स्टेशन है पचास जांचों से क्या होता है अब तो आने जाने वाले यात्रियों की संख्या भी बढ़ गई है।
बस अड्डे पर नजर नहीं आई कोविड हेल्प डेस्क
रेलवे स्टेशन के उलट रोडवेज बस अड्डे का हाल और भी ज्यादा बेहाल है। पूरे बस अड्डे पर कहीं पर भी कोविड हेल्प डेस्क नजर नहीं आई। प्रभारी एआरएम एमसी शर्मा ने बताया वह जीएम की बैठक में हैं। बस अड्डे पर कोविड हेल्प डेस्क के बारे में पूछने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
कई दिनों से कोविड हेल्प डेस्क पर नहीं हो रही जांच
स्टेशन इंचार्ज नीलम शर्मा से कोविड हेल्प डेस्क के बारे में पूछने पर बताया बस अड्डे पर शौचालय के नजदीक मेज और कुर्सी लगवा दी है। जिससे आने वाले यात्रियों की कोविड जांच हो सके। लेकिन दो-तीन दिन से कोविड हेल्प डेस्क से जांचें नहीं हो रही हैं।
सैंपलिंग टीमें जिम्मेदारी से कार्य करें: सीएमओ
सीएमओ डॉ.भगवान दास का कहना है कि विभाग ने टीमों को फार्मेट बनाकर दिया है, जिसमें जांच करने वाले यात्रियों का नाम, पता व मोबाइल नंबर दर्ज किया जाता है। बस अड्डे पर बस के कंडक्टरों से कहा जाता है कि वह उतरने वाले यात्रियों की लाइन लगवाकर कोविड जांच कराएं। कोई सहयोग नहीं करते। जहां तक बस अड्डे पर टीम के न होने की बात है वह सैंपलिंग प्रभारी व डिप्टी सीएमओ को इस बारे में निर्देश देंगे कि टीमें अपना कार्य जिम्मेदारी के साथ करें। साथ ही उन्होंने विशेष अपील की कि लोग वैक्सीनेशन जरुर कराएं। एक टीका लगवाने के बाद 96 प्रतिशत सुरक्षित हो जाते हैं।