इकदिल। अगर आप को अपनी जिंदगी को बढ़ाना है, तो इंधौआ-जखौली मार्ग पर संभल कर आना-जाना पड़ेगा। क्योंकि जरा सी चूक आपकी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। ऐसा इस मार्ग पर गड्ढों के कारण है।
भले ही प्रदेश सरकार गड्डामुक्त सड़कों का दम भर रही है, लेकिन इस मार्ग के हालात देख कर सहज ही सरकार के इस दावे की हकीकत बयां हो जाती है। इस मार्ग से करीब 10 हजार से अधिक लोग आवागमन करने हैं।
इन गड्ढों में फंस कर कई लोग हादसों का शिकार हो चुके हैं। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासनिक अफसरों से कई बार सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, लेकिन अभी तक सड़क की हालत जस की तस है।
इलाकाई लोगों का कहना है कि इस सड़क का निर्माण करीब दो दशक पहले हुआ था। उसके बाद से इस सड़क की मरम्मत केवल कागजों पर हो रही है।
क्षेत्र के लोगों ने कई बार लिखित व मौखिक रूप से प्रशासनिक अफसरों से सड़क बनवाने की मांग की, लेकिन उन लोगों की किसी ने नहीं सुनीं। चुनाव के दौरान नेताओं ने भी आश्वासन दिया, लेकिन सड़क नहीं बनवाई।
जखौली प्रधान प्रमोद कुमार, इंधौआ प्रधान प्रतिनिधि सुरजीत सिंह, अवधेश बरुआ, रामवीर, बृजेश कुमार, अमन कुमार, आशाराम, महेंद्र सिंह, बृजेश कुमार, राजेंद्र सिंह, मोनू, बुद्धप्रिय गौतम, आदि ने जिला प्रशासन से इंधौआ से जखौली जाने वाली सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।
ताकि ग्रामीण और छात्र-छात्राएं आराम से आवागमन कर सकें। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सड़क का निर्माण नहीं कराया गया, तो वे लोग धरना-प्रदर्शन को मजबूर होंगे।