फोटो संख्या 21- मुरचा की गोशाला में खोदे गए गड्ढे
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ऊसराहार। परौली रमायन की गोशाला से ताखा भेजी गई चार गायों ने दम तोड़ दिया। इतनी ही गायों की हालत नाजुक है।
जिले की सबसे बड़ी गोशाला परौली रमायन से भले ही गायों की संख्या को कम कर दूसरी गोशालाओें में भेज दिया गया हो। इसके बाद भी यहां से दूसरी गोशाला भेजे गए गोवंशों की हालत खराब है।
स्थिति ये है कि ताखा में बुधवार को परौली से 59 गोवंश पहुंचे थे। बीडीओ ताखा आशुतोष कुमार ने ऊसराहार व मुरचा की दो गोशालाओं को आनन फानन मे चालू कराया।
ऊसराहार की गोशाला में तीस और मुरचा की गोशाला में 18 गायों को रखा है। इनमें एक गोवंश ने बुधवार को ही परौली से ताखा आते समय दम तोड़ दिया था।
गुरूवार को ऊसराहार में एक एवं मुरचा में तीन गायों ने दम तोड़ दिया। डाक्टर एमपी सिंह ने बताया दोनो गोशाला में चार गायों की मौत हुई है। सभी को पोस्टमार्टम के बाद दफन किया गया है।
पहले से ही खोद दिए गड्ढे
ऊसराहार। मुरचा में गोवंशों को दफन करने के लिए उनके मरने से पहले ही कई गड्ढे खोद दिए गए हैं। परौली रामायन से ताखा के मुरचा में बनी गोशाला में बुधवार को 18 गोवंश शिफ्ट किए गए हैं।
तीन गोवंश को जेसीबी से गड्ढे खोदकर मृत गायों को दबा दिया गया। आगे भी गोवंश मर सकते हैं इस तरह की सोच रख कर कई गड्ढ़ों को खुदवा दिया गया है।