इटावा। रास्ते से निकलने को जगह न देने पर मंगलवार रात एंबुलेंस और वैन चालक समेत गाड़ियों में सवार लोगों के बीच झगड़ा हो गया। दोनों ओर से लाठी-डंडे चले। इसमें तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने तीनों घायलों को हिरासत में लेने के बाद बुधवार सुबह दोनों पक्षों में समझौता होने पर छोड़ दिया।
बरीपुरा गांव का सूरज सिंह मंगलवार रात को भरथना बाईपास चौराहे पर हर्राजपुर गांव के सामने खड़े होकर किसी वाहन के आने इंतजार कर रहा था। उसे अपने गांव जाना था। तभी 108 एंबुलेंस आकर रुक गई। सूरज एंबुलेंस में बैठने जा रहा था, उसी समय पीछे से एक मारुति वैन आ गई। आगे की ओर एंबुलेंस खड़ी होने से मारुति वैन चालक ने निकलने के लिए जगह मांगी। इसी बात पर एंबुलेंस व वैन चालक के बीच गाली गलौज होने लगी। एंबुलेंस चालक ने गुस्से में आकर अपनी गाड़ी सड़क पर तिरछा करके खड़ी कर दी। दोनों गाड़ियों के चालक व उनमें बैठी सवारियां नीचे उतर आई और एक-दूसरे से गालीगलौज करने लगे। विवाद बढ़ने पर लाठी-डंडे चलने लगे। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी लेकिन पुलिस के आने से पूर्व ही एंबुलेंस चालक अपनी गाड़ी में बैठी सवारियों को लेकर भाग गया।
पुलिस ने मौके से बरीपुरा के सूरज सिंह व आशू और इंद्रौसी गांव के सुरेश को घायल अवस्था में हिरासत में ले लिया। महेवा सीएचसी पर मरहम पट्टी कराने के बाद तीनों को थाने ले आए। बुधवार सुबह समझौता हो जाने पर तीनों को छोड़ दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक बचन सिंह सिरोही ने बताया कि एंबुलेंस और मारुति चालकों के बीच विवाद होने पर दोनों गाड़ियों के लोग भी भिड़ गए थे। हालांकि बुधवार को चंद भले लोगों के प्रयास से दोनों पक्षों में समझौता हो गया। किसी पक्ष ने कोई तहरीर नहीं दी है।
एंबुलेंस से सवारियों ढोने के सवाल पर थाना प्रभारी ने कहा कि वह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी देंगे। यह भी हो सकता है कि कोई परिचित व्यक्ति मिल जाने पर चालक ने उसे एंबुलेंस में बैठा लिया हो।