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ट्रेन से आए लोग वाहनों के लिए हुए परेशान

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स्टेशन बजरिया में वाहन के इंतजार में रेल यात्री - फोटो : ETAWHA
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इटावा। जनता कर्फ्यू के दौरान शहर और जिले के अंदर चलने वाले टेंपो, टैक्सी बंद होने से ट्रेन स आए लोगों को बहुत परेशानी हुई। स्टेशन तिराहेे पर लोग घंटों वाहनों के लिए खड़े रहे। कई लोगों ने घरों पर फोन कर निजी वाहन मंगाए तो कुछ रिक्शा व आटो वालों को ज्यादा पैसे देकर घर पहुंचे।
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करहल निवासी पूर्व सैनिक प्रमोद कुमार तिवारी का बेटा नेवी में है। इस समय उसकी तैनाती विशाखापट्टमन में है। प्रमोद और उनकी पत्नी पूर्णिमा तिवारी के साथ दो महीने पहले बेटे के पास गए थे। 20 मार्च को उनका केेपी एक्सप्रेस में विशाखापट्टनम से आगरा तक का रिजर्वेशन था। इसी बीच प्रधानमंत्री ने जनता कर्फ्यू की अपील कर दी। रविवार सुबह करीब चार बजे प्रमोद व उनकी पत्नी आगरा स्टेशन पहुंचे। वहां से जोधपुर हावड़ा एक्सप्रेस से इटावा पहुंचे। इटावा से करहल पहुंचने के लिए उन्हें वाहन नहीं मिला। कई घंटे तक बारह खड़े रहे, इसके बाद घर पर फोन कर वाहन मंगाया।
इसी तरह मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के पोरसा निवासी वीरेंद्र जैन, पत्नी और बेटी के साथ कोलकाता गए थे। उनका शिखरजी तीर्थी जाने का कार्यक्रम था किंतु किसी दिक्कत के चलते अचानक लौटना पड़ा। इटावा से मुरैना के लिए कोई साधन नहीं था, तो मुरौना से निजी वाहन बुलाया। प्रमोद और वीरेंद्र ने बताया कि जनता कर्फ्यू की जानकारी तो थी लेकिन बसें और स्थानीय वाहन बंद होने की घोषणा एकएक की गई। अगर इसकी जानकारी होती तो शायद आते ही नहीं। बसरेहर निवासी दंपति ट्रेन से सुबह इलाहाबाद से लौटे। उन्हें बसरेहर जाने के लिए टेंपो नहीं मिला। इटावा से बसरेहर तक 150 रुपये में साइकिल रिक्शा से पहुंचे। इसी तरह कई यात्री स्टेशन के बाहर घंटे इंतजार करते रहे। कुछ आटो तो कुछ निजी वाहनों से घर पहुंचे। स्टेशन पर सवारियां लेने आए एक आटो चालक को दरोगा ने मास्क न लगाए होने पर समझाया। सवारियों को भी मास्क या अंगौछा मुंह पर बांधने की नसीहत दी।
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