सर्वधर्म सम्मेलन में मंचासीन सर्व धर्म समाज के अतिथि
- फोटो : ETAWAH
इटावा। इटावा महोत्सव पंडाल में बृहस्पतिवार को कौमी एकता एवं सर्वधर्म सम्मेलन के मुख्य अतिथि एडीएम जय प्रकाश ने धर्माचार्यों, कवियों, शायरों व समाजसेवी सतनाम अरोरा को सम्मानित करते हुए कहा कि प्रत्येक धर्म का संदेश परस्पर सौहार्द है। हमें धर्म के मूल भाव प्रेम को समझने की जरूरत है। कौमी एकता समाज की सबसे बड़ी जरूरत है।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखर गौड़ की वंदना, मोहम्मद अहमद की तिलावत, गुरुवाणी, आकाशदीप जैन के णमोकार मंत्र और डा. आरबी लाल के बौद्ध धम्म से हुआ। अध्यक्षता करते हुए यश भारती से अलंकृत साहित्यकार डॉ. दीन मोहम्मद दीन ने कहा कि नफरत को जीतने की कला का नाम मोहब्बत है। गुरुद्वारा के मुख्यग्रंथी गुरदीप सिंह ने पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब की महिमा बताई। पिलुआ मंदिर के महंत स्वामी हरभजन दास ने सनातन धर्म के मानवीय पक्ष पर प्रकाश डाला। मौलाना मोहम्मद अहमद ने कहा कि इस्लाम मोहब्बत और भाईचारे का प्रतीक है। नसियां मंदिर के महामंत्री धर्मेंद्र जैन ने कहा कि उदारता और सबको अपनाने की सीख देता है जैन धर्म। बुद्धाचार्य डॉ. आरबी लाल ने कहा कि सत्य और न्याय की बात करना ही भगवान बुद्ध की सच्ची उपासना है।
मौलाना अनवारुल हसन जैदी ने कहा कि इस्लाम की शिक्षा है कि सबसे प्रेम करो अपने वतन से अपनी मिट्टी से मोहब्बत करो। इस्लामिया इंटर कालेज के प्रबंधक मोहम्मद अल्ताफ, पूर्व प्रवक्ता अवध किशोर बाजपेयी, खादिम अब्बास, डॉ. पदम सिंह यादव पद्म, महाराम सिंह यादव, कवि अवनीश त्रिपाठी, रौनक इटावी, वैभव यादव आदि ने विचार रखे। इस मौके पर शांति स्वरूप पाठक, विशन चंद्र अग्रवाल, रवींद्र सिंह दुबे, रामशंकर चौधरी, वीरेंद्र कुमार दुबे, विजय नारायण सिंघल आदि मौजूद रहे। इस्लामियां इंटर कालेज के शिक्षक समीउद्दीन जुबैरी के निर्देशन में बच्चों ने कौमी एकता पर गायन किया। जनता कालेज बकेवर के बच्चों ने हर्ष शर्मा के निर्देशन में नाटक, समूह गान प्रस्तुत किए। सभी बच्चों को पुरस्कृत किया गया। संचालन क़मर सिद्दीकी और स्वागत संयोजक डॉ. कुश चतुर्वेदी ने किया।