इटावा/ जसवंतनगर। शनिवार को बुखार प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य अफसर पहुंचे। उन्होंने अपनी टीम के साथ गांव में भ्रमण कर बीमार लोगों का इलाज किया। इसके साथ ही कहा कि इन गांवों में डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है।
प्रभारी सीएमओ डा.बीएल संजय, जिला मलेरिया अधिकारी लक्ष्मी कांत पांडेय ने शनिवार को अपनी-अपनी टीम के साथ जसवंतनगर के बुखार प्रभावित गांव खेड़ा बुजुर्ग, बहावलपुर व गढ़ी जालिम पहुंचे।
डॉ.अवधेश यादव ने बताया कि ग्राम बहावलपुर निवासी आनंद कुमार की छह माह की पुत्री सौम्या की हुई मौत को चिकित्सकों ने खांसी, जुकाम और बुखार की वजह से निमोनिया होना पाया है।
बच्ची का जसवंतनगर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। परिवार ने इलाज के दौरान कागजात और रिपोर्ट दिखाई। इसी प्रकार गांव खेड़ा बुजुर्ग निवासी महावीर सिंह की 13 माह की पुत्री शिवानी की मौत को भी निमोनिया से हुई।
बच्ची को निमोनिया होने की वजह से संक्रमण हो गया था। जिसका जसवंतनगर के निजी अस्पताल में खांसी, जुकाम, बुखार का इलाज चला। जिसकी 23 सितंबर को मृत्यु हो गई।
बताया ग्राम खेड़ा बुजुर्ग निवासी अनार सिंह के 22 वर्षीय पुत्र उदयवीर की मृत्यु के बारे में बताया युवक की मृत्यु नोएडा में पेट दर्द से हुई न की गांव खेड़ा बुजुर्ग में बुखार से हुई।
डिप्टी सीएमओ ने बताया उदयवीर दिल्ली में कार्य करता था, 21 सितंबर को पेट दर्द होने की वजह से निजी अस्पताल में इलाज कराया। आराम मिलने पर घर आने के बाद शरीर में बेचैनी हुई। मौत 23 सितंबर को नोएडा में पेट दर्द की वजह से हुई।
अधिकारियों के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने ग्राम गढ़ी जालिम पहुंचकर 45 लोगों की जांच की जिन्हें हल्का बुखार आ रहा था। इस दौरान जिन लोगों की डेंगू की जांच हुई सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई।
खेड़ा बुजुर्ग में प्रभारी सीएमओ डा.बीएल संजय ने कूलरों में लार्वा चेक किया। इस दौरान डिप्टी सीएमओ डा.अवधेश यादव व सहायक मलेरिया अधिकारी नीरज दुबे उपस्थित रहे।
कूलर में लार्वा चेक करते प्रभारी- फोटो : ETAWAH