इटावा। प्रदेश सरकार ने सर्प के काटने से होने वाली मौतों को राज्य आपदा घोषित कर दिया है। अब सांप के काटने से यदि किसी की मृत्यु होती है तो वह सरकारी मुआवजे का हकदार होगा।
शासन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। अब सर्पदंश से मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश ने बताया कि शासनादेश का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने के निर्देश लेखपालों को दिए गए हैं।
विभिन्न प्रजाति के सर्पों की जान बचाने में जुटे ओशन महासचिव पर्यावरणविद सर्प मित्र डा.आशीष त्रिपाठी ने यूपी सरकार के इस महत्वपूर्ण निर्णय का स्वागत किया है।
शासनादेश में अब स्टेट मेडिकोलीगल सेल के अनुसार सर्प के काटने के बाद मृतक के विसरा जांच की अनिवार्यता नहीं होगी। इस अनिवार्यता के खत्म होने से मरने वाले के परिवार को आर्थिक सहायता की कानूनी प्रक्रिया भी अब काफी आसान हो गयी है।
बस पीड़ित परिवार को सर्पदंश से हुई मौत के बाद पंचनामा या पोस्टमार्टम कराना होगा। अपने गांव के लेखपाल को सूचना भी देनी होगी। जिला प्रशासन सात दिन के अंदर पीड़ित परिवार को सहायता राशि का भुगतान करेगा।