बकेवर। ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों में खूब घपले हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला महेवा ब्लाक के रतनपुरा के निर्माणाधीन पंचायत घर में सामने आया है।
यहां पंचायत घर के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया। हालात ये हैं कि 23 लाख की लागत से बन रहे इस भवन की दीवारों, छत व खंभों में दरारें आ गई हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 अक्तूबर 2020 को रतनपुरा में पंचायत घर के निर्माण का ऑनलाइन शिलान्यास किया था। इसके बाद ग्राम वासियों की उम्मीदों को पंख लग गए थे, कि पंचायत घर के बनने के बाद उन्हें अपने छोटे-छोटे सरकारी कामों के लिए ब्लाक व जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जो भी सरकारी कार्य होगा वह पंचायत घर पर ही हो जाएगा। ग्रामीणों की इन उम्मीदों के बीच ग्राम पंचायत भवन बनकर तैयार हुआ। इस पंचायत घर की दीवारों पर रंग रोगन होता इससे पहले ही पंचायत घर में भ्रष्टाचार की दरारें साफ दिखाई देने लगीं।
पंचायत घर के पिलरों के साथ दीवारों में भी दरारें आ गई। यही नहीं छत की बीम में भी दरारें आने से छत भी खतरनाक हो गई है। ग्राम प्रधान पूनम देवी ने पंचायत घर के दीवारों और पिलरों व बीम पर दरारें देखे जाने पर कहा कि पंचायत घर के निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की गई है। निर्माण कार्य की उच्च स्तर पर जांच होनी चाहिए।
यह है मामला
प्रदेश सरकार पंचायत घरों को मिनी सचिवालय में तब्दील करा रही है। हर पंचायत में पंचायत घर के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। जिले में इनका निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार अनियमितता बरत रहे हैं।
ोटो संख्या 24- ग्राम पंचायत रतनपुर में बना पंचायत घर- फोटो : ETAWAH
फोटो संख्या 25- पंचायत घर की दीवारों में पड़ रही दरारें- फोटो : ETAWAH