इटावा। आशा कर्मचारी यूनियन और सीटू के देशव्यापी आह्वान के तहत 9 अगस्त को भारत बचाओ दिवस पर कार्य बहिष्कार कर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करेंगी।
माकपा कार्यालय पर शनिवार को हुई बैठक में यह घोषणा की गई। इस आंदोलन के माध्यम से आशा को कर्मचारी का दर्जा, फंड, बोनस, बीमा, छुट्टियां, कोविड-19 के समय का 10,000 रुपये मासिक भुगतान कराने, प्रदेश सरकार के बढ़ाए गए 750 प्रति माह के हिसाब से एरियर सहित भुगतान आदि मांगों को उठाया जाएगा।
किसान सभा के प्रदेश महामंत्री मुकुट सिंह ने कहा की आशा अकेली नहीं है। ये सरकार कर्मचारी, किसान, महिला व आम जनता की विरोधी है। अमर सिंह शाक्य ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार आशाओं, संगनियों पर काम का बोझ लगातार बढ़ा रही है।
अन्य प्रांतों में आशाओं को 5000 से 12000 तक मानदेय दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार मात्र 2000 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। पिछले साल 750 रुपये प्रतिमाह मानदेय बढ़ाने की घोषणा की गई थी उसका भी आज तक भुगतान नहीं किया गया है।
यूनियन की जिला मंत्री संगीता ने कहा कि 9 अगस्त को आशा बड़ी तादाद में आंदोलन में भाग लेंगी। बैठक में शकुंतला, बंटी, सुनीता, संगीता, विजय देवी, रजनी, शशी वाला, मनोरमा, सुनीला भदौरिया, संगीता यादव, पूनम कुमारी आदि ने विचार व्यक्त किए। बैठक की अध्यक्षता सुमित्रा देवी और संचालन संगीता ने किया।