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फोन पर नहीं पहुंची एंबुलेंस, इलाज के अभाव में जच्चा-बच्चा की मौत

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मृतिका रेनू का फाइल फोटो - फोटो : ETAWAH
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इटावा। पथर्रा गांव में प्रसव पीड़ा से एक गर्भवती कराहती रही, लेकिन फोन करने के काफी देर बाद भी 108 एंबुलेंस नहीं पहुंची। ऐसे में प्रसव घर में होने से नवजात की मौत हो गई। जबकि महिला की हालत गंभीर हो गई। लगभग तीन घंटे बाद एंबुलेंस आई, परिजन गर्भवती को लेकर अस्पताल ले जाने लगे तो रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
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पथर्रा गांव निवासी रेनू गर्भवती थी। शनिवार रात उसे प्रसव पीड़ा हुई, तो पति विवेक ने रात आठ बजे 108 एंबुलेंस सेवा को फोन किया। परिजन काफी देर तक इंतजार करते रहे, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। घर में ही रेनू का प्रसव हो गया और इलाज के अभाव में नवजात ने दम तोड़ दिया।
इधर पत्नी की हालत बिगड़ने लगी तो पति ने फिर से 108 पर फोन मिलाया, तो रात करीब 11 बजे एंबुलेंस गांव पहुंची। इसके बाद परिजन रेनू को जिला अस्पताल लेकर भागे। रास्ते में हालत ज्यादा खराब होने पर एंबुलेंस चालक गाड़ी को राजपुर सीएचसी लेकर पहुंचा, लेकिन महिला को बचाया नहीं जा सका।
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पीड़ित विवेक कुमार ने बताया कि यदि एंबुलेंस समय से आ जाती, तो बेटे व पत्नी दोनों की जान बच जाती। इलाज के अभाव में नवजात बेटे ने साढ़े नौ बजे दम तोड़ दिया। इसके बाद पत्नी भी साथ छोड़ गई।
विवेक ने बताया कि मामले की शिकायत पोर्टल के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उच्चाधिकारियों से की है। वही सीएचसी राजपुर के अधीक्षक डॉ. संदीप कुमार का कहना है कि सीएचसी में शनिवार रात को किसी भी महिला की मौत नहीं हुई है। जबकि परिजनों का कहना है कि वह महिला को सीएचसी लेकर गए थे।
108 का कंट्रोल सिस्टम लखनऊ मुख्यालय से संचालित है। एंबुलेंस को पहुंचने में इतनी देरी क्यों लगी इस संबंध में जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।-
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डॉ.अवधेश यादव, डिप्टी सीएमओ

मृतिका रेनू के पति विवेक कुमार अपनी बेटियों के साथ- फोटो : ETAWAH

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