भरथना। कोतवाली क्षेत्र के गणेश मिल कालोनी में बिजली के तारों में फंसे भैंस के बच्चे को बचाने में अधिवक्ता करंट की चपेट आ गया। हादसे में उनकी और भैंस के बच्चे की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग को सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गणेश मिल कालोनी निवासी धर्मेंद्र कुमार (45) पेशे से अधिवक्ता थे। उनके परिवार में पत्नी सरला देेवी, बेटा अभय व बेटी आस्था है। परिजनों ने बताया कि रविवार सुबह घर के सामने बिजली के तारों में एक भैंस का बच्चा फंस गया था।
तार कटा होने के कारण वह करंट से झटपटाने लगा। यह देख अधिवक्ता ने लकड़ी के डंडे से तार में फंसे भैंस के बच्चे को बचाने का प्रयास किया। लेकिन लकड़ी गिली होने के चलते वह भी करंट की चपेट में आए।
स्थानीय लोगों ने विद्युत आपूर्ति बंद कराई और अधिवक्ता को पास स्थित सीएचसी लेकर गए। यहां से डॉक्टर ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
परिजन अधिवक्ता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने अधिवक्ता को परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। वही भैंस के बच्चे की भी करंट से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों व स्थानीय लोगों से पूछताछ की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
विद्युत पोल होता तो टल सकता था हादसा
सभासद प्रतिनिधि विपिन पोरवाल ने बताया कि वार्ड के नई बस्ती में विद्युत पोल लगाए जाने के लिए मोहल्लावासियों ने कई बार तहसील दिवस व विद्युत अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जबकि मोहल्ले में करीब 60 से अधिक विद्युत कनेक्शन धारक हैं। विद्युत पोल नहीं होने की वजह से बांस या बल्ली के सहारे कनेक्शन की तारें लगी है। अगर विद्युत पोल होता तो हादसा टल सकता था।