पानी की कमी से धान की फसल में आया पीलापन
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इटावा। कम बारिश होने की वजह से क्षेत्र के किसानों के खेतों में धान की फसल में पीलापन आने लगा है। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आ रही हैं। किसान कम पैदावार की आशंका जता रहे हैं।
महेवा, बहेड़ा, पुरावली, बराउख, गौतमपुर, उझियानी आदि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 90 प्रतिशत से अधिक किसान धान की फसल करते हैं। अधिकतर किसान अपने खेतों में शत-प्रतिशत फसल रोपित कर चुके हैं। खेतों में खड़ी फसल से किसानों को उम्मीद थी कि सावन माह में ठीकठाक बरसात होने से उनकी फसल की पैदावार अच्छी होगी। लेकिन, पूरा सावन माह बीत जाने के बाद एक दो बार हल्की बारिश हुई और भादों माह का एक सप्ताह बीतने के बाद भी बरसात नहीं हो रही है। पानी की कमी के चलते फसल में पीलापन आने लगा है। किसानों ने धान की फसल की सिंचाई निजी साधनों से की थी। इसके बावजूद धान की फसल नहीं बढ़ रही है और पैदावार कम होने की आशंका बढ़ गई है। इस कारण किसान चिंतित हैं।
ग्राम मेहंदीपुर निवासी किसान गंगा प्रसाद राठौर का कहना है कि गर्म मौसम के कारण खेतों में पानी सूख जाता है। धान की फसल में 24 घंटे पानी भरा रहना चाहिए। बरसात का पानी अधिक लाभदायक होता है। इस कारण किसान आसमान की ओर आस लगाए बैठे हैं कि कब बरसात हो और उनकी फसल बढ़ सके।
ग्राम बहेड़ा निवासी किसान जैनेंद्र दुबे का कहना है कि डीजल महंगा होने से किसानों को सिंचाई करने में भारी परेशानी हो रही है। रजबहा में पानी टेल पर न पहुंचने और जगह-जगह अवैध कुलावा होने से भी धान की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। अगर इस माह में पानी नहीं बरसा तो निश्चित तौर पर धान की फसल की पैदावार कम होगी।