इटावा। शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त स्कूल कालेजों को डीसीएफ (डेटा कैप्चर फार्मेट) ऑनलाइन भरा जाना अनिवार्य है। कई बार चेतावनी के बाद भी जिले के 64 विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक डीसीएफ नहीं भरा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह ने कहा कि 12 अगस्त तक जिन विद्यालयों का डीसीएफ नहीं भरा जाएगा। उनकी मान्यता प्रत्याहरण करने के संबंध में शासन और विभाग से संस्तुति कर दी जाएगी।
माही पब्लिक स्कूल परमधाम मानिकपुर विसू, एमएसजीएम हरदोई, टिमरुआ, जयकिशन पब्लिक स्कूल चौबे, आरएसजेएचएस बलभद्रपुरा, सुरेश उमावि नगला हिम्मत, जीएसएन इंटर कॉलेज साम्हो, एसपीएसएवीएमजेएस परासना, श्री दुर्गा पीवी गींजा, मां सरस्वती पीएस नगला बाबा, श्रीसुखदेव जीएमपीएस बहारपुरा, राधाकृष्णउमावि निवाड़ीकला, सुरेश चंद्र पीएस नगला हिम्मत, महाराज सिंह यादव उमावि सराय चौरी, लार्ड कृष्णा कान्वेंट स्कूल केशोपुर कला, बेनीमाधव सरस्वती बाल विद्या मंदिर, सरस्वती ज्ञान ज्योति मंदिर अहेरीपुर, श्री विष्णुहरि पब्लिक स्कूल गींजा, मां सरस्वती उप्रावि नगला बाबा, श्रीश्यामलाल पीएस हेंवरा, आरएचकेएसएस लखना, सुभाष बोस पब्लिक स्कूल बढ़पुरा, विद्यामंदिर अहेरीपुर, प्रताप सिंह आदर्श बाल विद्या मंदिर परासना, एसएम किरन दुबे प्रावि गींजा, डीआरएमएमपीपी उसरई, जनता मावि जगमोहनपुर, श्रीमती एमडी जेपीएस बघुइया, पीएस देवसेन, रनजीत सिंह पब्लिक स्कूल, केएस मेमोरियल व्यासपुरा, गौतम बुद्ध उप्रावि, आरएसएसवी बघुइया, राष्ट्ीय मावि कुनैठा, रेशम देवी प्रावि कर्री, आदर्श विद्यालय संगावली, एससीएलएसजेएचएस कुम्हावर, लार्ड मदर प्री एसीएच बकेवर, श्री सुखदेव उप्रावि भरईपुर, पंडित लक्ष्मी नारायण पब्लिक स्कूल बढ़पुरा, एनपीएस कुम्हावर, होली फेथ प्रावि सैफई, पीएस संत विवेकानंद पब्लिक स्कूल महेवा, पीएस तोमर मेमो जूनियर हाईस्कूल चांदनपुर, एसकेएस इंटर कॉलेज नगला हरजू, जेजेवीपी कुम्हावर, जागेश्वर दयाल पीवी चौबेपुर, चौधरी नत्थू सिंह उमावि सैंसारपुर, गया प्रसाद पब्लिक स्कूल लटूपुर, एससीएसआरएमवी प्रेमनगर, शीला देवीबाथम प्रावि सैफई, आदर्श पब्लिक स्कूल तिरकारा, एमएसबीवीएम ददौरा, बेबी कान्वेंट स्कूल अहेरीपुर, एसकेडीबीवीएम शिवपुरी टिमरुआ, छोटेलाल एसएन लरखापुर, गंगा शांति कुदरैल, ओम सरस्वती ज्ञान मंदिर रैपुरा, एससीएलएसपीएस कुम्हावर एवं एमएसके ज्ञान दीप कन्या जूनियर हाईस्कूल कछपुरा।
केंद्र सरकार को जाता है डाटा
इटावा। डीसीएफ इसे यू-डायस प्रपत्र भी कहते हैं। इसमें विद्यालय की मान्यता, स्टाफ, छात्र संख्या, उपलब्ध सुविधाओं आदि का पूरा विवरण ऑनलाइन फीड किया जाता है। शिक्षा विभाग को विद्यालयों से प्राप्त इस डाटा को केंद्र सरकार को भेजना होता है। केंद्र सरकार डाटा के आधार पर विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं का विश्लेषण करती है। इसके बाद विद्यालयों के विकास की योजनाएं बनाई जाती हैं।
सभी बोर्ड के विद्यालयों को भरना है
बीएसए अजय कुमार सिंह ने बताया कि यूपी बोर्ड, सीबीएसई, परिषदीय, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त एवं समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालयों को डीसीएफ भरना अनिवार्य हैं। यदि संबंधित विद्यालय प्रपत्र समय से नहीं भरेंगे तो इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। विभाग उनकी मान्यता वापस लेने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि कई बार लिखित आदेश देनेे के बाद भी इन 64 विद्यालयों ने प्रपत्र नहीं भरे हैं। अब केवल 12 अगस्त तक का अंतिम अवसर दिया जा रहा है। इसके बाद कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।