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आरेंज जोन में है जिला अभी ग्रीन सिग्रल नहीं मिला

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इटावा। जिले से अभी कोरोना का खतरा टला नहीं हैं। प्रदेश शासन ने इटावा को ऑरेंज जोन में रखा है। आसपास के सभी जिले भी इसी श्रेणी में हैं और करीबी महानगर खतरनाक श्रेणी यानी रेड जोन में शामिल किए गए हैं। ऐसे में बाजारों में जुट रही भीड़ और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करना खतरनाक साबित हो सकता है, इसलिए घरों पर ही रहने में भलाई है।
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कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या और अन्य हालात को देखते हुए प्रदेश शासन ने जिलों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा है। इटावा जिला ऑरेंज श्रेणी में है। जिले के पांच लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इसमें नगला भगत गांव का धर्मवीर और सुतियानी गांव का सेवानिवृत्त सैनिक के सैंपल इटावा जिला अस्पताल में लिए गए थे। इसमें धर्मवीर ठीक होकर घर लौट आया है। इसके अलावा सैफई ब्लॉक के खुशहालपुर गांव कैंसर पीड़ित बुजुर्ग कानपुर मेडिकल कॉलेज और उनवा संतोषपुरा के मजरा खडैता गांव निवासी दो वार्ड ब्वाय आगरा मेडिकल कॉलेज में कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। कोरोना महमारी के दौरान इन पांचों में संपर्क रहा। नगला भगत और सुतियानी अभी हॉट स्पाट हैं जबकि खुशहालपुर और खड़ैता पर भी हॉटस्पॉट की तरह नजर रखी जा रही है। एहतियातन अभी चारों गांव में आने जाने पर रोक भी है। इसके अलावा कुछ लोग बाइक व अन्य साधनों से चोरी छिपे संक्रमित शहरों से जिले में आ रहे हैं।
शुक्रवार को ही चोरी छिपे जिले में आए तीन लोगों को प्रशासन ने जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराकर सैंपल जांच के लिए भेजे। इसमें एक मुंबई और दो गुजरात से लौटे हैं। कुछ ऐसे भी लोग हैं जो किसी न किसी बहाने कानपुर, आगरा और लखनऊ आ जा रहे हैं। इन लोगों से भी जिले में कोरोना के खतरे की आशंका बनी है।
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पड़ोसी जिलों की स्थिति भी ठीक नहीं
इटावा जिले की सीमा से सटे सभी छह जिले ऑरेंज श्रेणी में हैं। फिरोजाबाद में तो शुक्रवार को 13 पॉजिटिव एक साथ सामने आए हैं। औरैया, कन्नौज, जालौन, मैनपुर और एटा भी आरेंज जोन में ही हैं।
करीबी महानगर खतरनाक श्रेणी में
इटावा जिले के लोगों को आगरा, लखनऊ, कानपुर के अलावा मध्य प्रदेश के ग्वालियर आना जाना होता है। जसवंतनगर, ताखा व बसरेहर क्षेत्र के बहुत से लोगों ने आगरा व लखनऊ में आवास भी बना रखे हैं। इसी तरह महेवा, भरथना और बकेवर क्षेत्र के लोगों को कानपुर करीब पड़ता है। चकरनगर और पारपट्टी के संपन्न लोगों ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आवास बना रखे हैं। आगरा में 479, कानपुर में 206 और लखनऊ में भी 200 से अधिक पॉजिटिव मिल चुके हैं। जिले के कुछ लोग किसी न किसी बहाने इन खतरनाक शहरों में आ-जा रहे हैं।
कोरोना ओपीडी में आए 26 संदिग्ध, सैंपल लिए
जिला अस्पताल की कोरोना ओपीडी में शुक्रवार को 94 मरीज आए आए। इसमें 26 में कोरोना जैसे लक्षण डॉक्टरों को समझ में आए। इस कारण इन 26 मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। सभी संदिग्धों को घरों में क्वारंटीन रहने की सलाह दी गई है। डॉ. एसएस गुप्ता व डॉ.गौरव यादव ने बताया कि ओपीडी आए मरीजों में कई लोग रेड जोन में शामिल शहरों से लौटकर आए हैं।
23 कोरोना संदिग्धों की जाच रिपोर्ट निगेटिव
जिला अस्पताल में सैफई पीजीआई से 23 कोरोना संदिग्धों की जांच रिपोर्ट आई है। सीएमएस डा.एसएस भदौरिया ने बताया यह रिपोर्ट 28 अप्रैल की है सभी 23 रिपोर्ट निगेटिव है। बताया कि शुक्रवार को जिला अस्पताल से 26 कोरोना संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए सैफई पीजीआई भेजे गए हैं।
जिले में लिए गए सैंपल में दो मरीज पॉजिटिव निकलने से दो हॉटस्पॉट हो गए। जिले के तीन लोग दूसरे शहरों में पाजिटिव निकले हैं। इन दोनों गांवों को भी हॉटस्पाट की तरह ट्रीट किया जा रहा है। लोगों को अभी सावधानी बरतने की जरूरत है, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करना खतरनाक हो साबित हो सकता है। बाजारों में भीड़ बिल्कुल न करें, जरूरत पर ही बाहर निकले और मास्क जरूर लगाएं। बाहर से आने लोग खुद अपनी जांच कराएं। लोग आसपास ये नजर रखें कि कौन बाहर से आया, उसकी सूचना तुरंत थाने, सीएचसी और अधिकारियों को दें।
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-जेबी सिंह, जिलाधिकारी
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