इटावा। जिले से गए 66 लोगों का जत्था सुरक्षित है। इसमें से 61 लोग सोमवार को लौट आए हैं, जबकि पांच लोग श्रीनगर कैंप में रुक हैं। यह लोग गुफा में फंस गए थे।
पुल कहारान निवासी ओम रतन कश्यप ने बताया घटना वाले दिन सुबह सात बजे दर्शन करके दोपहर 12 बजे गुफा से 12 किलोमीटर नीचे कैंप में थे। शाम को आसमान में इंद्रधनुष बना तो यात्री मोबाइल फोन से फोटो और वीडियो बनाने लगे। इसी बीच तेज गड़गड़ाहट हुई, समझ में नहीं आया क्या हुआ। अंधेरा छा गया। तेज आवाज से दिल बैठा जा रहा था। कुछ देर बाद हरदोई के विनोद यादव ने फोन कर कुशलक्षेम पूछी। विनोद के जरिये हादसे की जानकारी हुई। इसके बाद पीछे रह गए भाजपा नेता गजेंद्र मिश्रा, उनकी पत्नी सुप्रिया मिश्रा, बीनू दुबे, रामचंद्र और विमला के बारे में चिंता हुई। फोन लगाने पर सुप्रिया के रोने की आवाज सुनाई थी। सभी की कुशलता मिलने पर चिंता दूर हुई। पांचों को अमरनाथ श्राइन बोर्ड प्रशासन ने पंचतरणी से हेलीकॉप्टर में बालटाल भेजा। वहां से एंबुलेंस से उन्हें श्रीनगर ले जाया गया। रामचंद्र और विमला श्रीनगर से एक भंडारे में पहुंच गए हैं।
जय सिंह चौहान ने बताया पहलगाम रूट से गए थे। आठ जुलाई को सुबह साढ़े दस बजे गुफा के पास पहुंचे। दर्शन करने के लिए जैसे ही सीढियों पर चढ़े उसी दौरान बादल फटने की जानकारी मिली। सीढिय़ों पर सुरक्षा बलों ने रोक लिया था। रात करीब नौ बजे गजेंद्र मिश्रा से बात होने पर चिंता दूर हुई।
सोमवार रेलवे स्टेशन पर उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह चौहान, विधायक प्रतिनिधि हरी नारायन वाजपेयी, सेवा मंडल के उपाध्यक्ष आनंद अग्निहोत्री, विवेक रंजन गुप्ता, मनोज गुप्ता, दिनेश कुमार कश्यप, राजेश कुमार कश्यप आदि ने यात्रियों का स्वागत किया।