पीड़ित विवेक कुमार ने बताया कि यदि एंबुलेंस समय से आ जाती, तो बेटे व पत्नी दोनों की जान बच जाती। इलाज के अभाव में नवजात बेटे ने साढ़े नौ बजे दम तोड़ दिया। इसके बाद पत्नी भी साथ छोड़ गई।
विवेक ने बताया कि मामले की शिकायत पोर्टल के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उच्चाधिकारियों से की है। वहीं सीएचसी राजपुर के अधीक्षक डॉ. संदीप कुमार का कहना है कि सीएचसी में शनिवार रात को किसी भी महिला की मौत नहीं हुई है। जबकि परिजनों का कहना है कि वह महिला को सीएचसी लेकर गए थे।
108 का कंट्रोल सिस्टम लखनऊ मुख्यालय से संचालित है। एंबुलेंस को पहुंचने में इतनी देरी क्यों लगी इस संबंध में जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ.अवधेश यादव, डिप्टी सीएमओ