इटावा के चकरनगर में सहसों थाना क्षेत्र के आंख डांडा व रघापुरा गांव के बीच खेत में गिरे लड़ाकू विमान मिराज 2000 के फ्यूल टैंकों को भारतीय वायु सेना की टीम बृहस्पतिवार की रात ग्वालियर एयर फोर्स स्टेशन लेकर चली गई। रात में टीम गांव पहुंची थी। स्थानीय लोगों ने सेना कर्मियों से जानना चाहा कि टैंक में पेट्रोल भरा था या नहीं।
इस पर सैन्य कर्मी चुप्पी साधे रहे। बाद में फ्यूल टैंकों को ट्रक पर लादकर अपने साथ ले गए। प्रशिक्षण उड़ान पर निकला वायुसेना का लड़ाकू मिराज विमान बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश के भिंड जिले के मनकाबाग गांव में क्रैश हो गया था। विमान क्रैश होने के साथ ही हवा में कई हिस्सों में बिखर गया था। उसमें आग भी लग गई थी।
उसका मलबा घटनास्थल और उसके निकट मध्य प्रदेश की सीमा से सटे इटावा के रघापुरा गांव में मिला था। विमान के दो फ्यूल टैंक इटावा जिले के आंख डांडा व रघापुरा गांव के बीच एक खेत में गिरे थे। टैंक की चपेट में आने से खेत में काम कर रहे किसान रामनरेश के हाथ और पैर में चोटें आईं थी, जिससे बेहोश भी हो गए थे।