जनता कॉलेज बकेवर में परीक्षा में शामिल होने जाते अभ्यर्थी
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इटावा। जिले में पहली बार प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) 19 केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराई गई। परीक्षा में 1656 परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे। पहली पाली की तुलना में दूसरी पाली में अधिक संख्या में परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। इसके बाद भी 90 फीसदी से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए।
शासन की ओर से भेजे गए ऑब्जर्वर आईएएस प्रभात कुमार ने भी कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
पीईटी परीक्षा दो पालियों में परीक्षा कराई गई। दोनों पालियों में विद्यालयों में स्टैटिक मजिस्ट्रेट बनाए गए थे, जो परीक्षा के दौरान निगरानी करते रहे। परीक्षा के दौरान केंद्रों पर कोरोना के नियमों का पालन किया गया।
छात्र-छात्राओं के मास्क बदलवाए गए तथा सैनिटाइजर का भी प्रयोग किया गया। सीसीटीवी कैमरों से परीक्षा कक्षों की निगरानी के लिए डीआईओएस कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया।
पहली पाली में 9050 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 8235 ने परीक्षा दी तथा 815 गैरहाजिर रहे। इसी तरह दूसरी पाली में 9041 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 8200 ने परीक्षा दी और 841 गैरहाजिर रहे। डीआईओएस राजू राणा ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करा ली गई।
देर से पहुंचने पर परीक्षा छूटी
बकेवर। देर से आने और गेट बंद हो जाने पर परीक्षार्थी केंद्र में प्रवेश नहीं पा सके। एक केंद्र पर 86 दूसरे पर 76 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। जनता डिग्री कॉलेज केंद्र पर परीक्षा देने आई एक परीक्षार्थी मेघना चतुर्वेदी देर से पहुंचने पर परीक्षा नहीं दे सकीं। उन्होंने बताया कि वह करीब 10 मिनट लेट हो गई थी। गेट बंद होने पर उसे केंद्र में नहीं जाने दिया गया, जबकि परीक्षा आरंभ नहीं हुई थी।
जीजीआईसी में परीक्षा पर निरीक्षण करते डीआईओएस राजू राणा- फोटो : ETAWAH