इटावा। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर इटावा जंक्शन पर करीब डेढ़ माह पहले 2.60 लाख की कीमत से दो डोर मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। मशीन तीन दिन पहले तकनीकी खराबी से बंद हो गई है। ऐसे में जंक्शन पर आने-जाने वाले लोग अपने साथ क्या सामान लेकर जा रहे हैं, इसकी जानकारी करना रेलवे पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
बता दें कि 10 नवंबर को दिल्ली मेट्रो स्टेशन के पास कार ब्लास्ट में 11 लोगों की जान चली गई थी। इसको लेकर अमर उजाला ने 12 नवंबर के अंक में सिलिंडर तो कोई बंदूक टांगे घूमता रहा, पूछताछ भी नहीं हुई शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। उत्तर-मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल ने इस खबर को संज्ञान में लेकर 13 नवंबर को इटावा जंक्शन पर दो डोर मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे।
इससे यात्रियों की स्क्रीनिंग के बाद ही आवाजाही हो रही थी। इस मशीन के लगने के बाद आने-जाने वाले यात्री कोई भी संदिग्ध वस्तु ले जाने से डरने लगे थे। इससे यह मशीन पिछले तीन दिन से बंद पड़ी है। आरपीएफ निरीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि डोर मेटल डिटेक्टर में कोई तकनीकी खराबी आ गई है। इसके लिए उच्चाधिकारियों समेत संबंधित कंपनी को सूचना की गई है। अभी मशीन गारंटी में है। इससे जल्द ही सही करवा दिया जाएगा।