सैफई। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में रेजिडेंट डॉक्टरों ने एक सप्ताह बाद फिर से बहिष्कार शुरू कर दिया। 27 नवंबर से नीट पीजी काउंसलिंग न होने के कारण रेजिडेंट डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार किया था। जिसमें नौ दिसंबर को केंद्र सरकार के द्वारा एक सप्ताह का समय मांगा गया था।
इस समयावधि में कोई कदम न उठाने पर रेजिडेंट डॉक्टरों ने फिर कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि सरकार डॉक्टरों की मूल समस्याओं पर ध्यान नहीं देती। बार-बार कार्यबहिष्कार से आम जनता को काफी परेशानी होती है।
हर साल नीट पीजी के द्वारा डॉक्टर्स का एक बैच प्रवेश लेता है, क्योंकि पीजी तीन साल का होता है इसलिए एक समय में डॉक्टर के तीन बैच होते हैं। परंतु एक बैच पास होकर जा चुका है और दूसरा बैच तीन चार महीने में पास हो कर चला जाएगा। इस तरह पूरे भारत के अस्पतालों में सिर्फ एक तिहाई डॉक्टर ही बचेंगे। ऐसे में अगर तीसरी लहर आ जाती है तो पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जाएगी। रेजिडेंट डॉक्टर नीटी पीजी काउंसिलिंग न होने के विरोध में कार्य बहिष्कार कर रहे हैं।