जसवंतनगर। धनगर जागृति फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार पाल ने धनगर समाज के लोगों के लिए अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र बनवाने के लिए संघर्ष की अपील की है।
धनगर जागृति फाउंडेशन ने धौलपुर खेड़ा, नगला सलहदी, गढ़ी रामधन, तिजौरा आदि गांवों में आयोजित सम्मेलनों में कहा कि अपने सांविधानिक हक धनगर अनुसूचित प्रमाणपत्र के लिए इस तरह के जागरुकता सम्मेलन आयोजित किए हैं।
कहा कि संविधान की अनुसूची में क्रमांक 27 पर धनगर जाति अनुसूचित जाति में दर्ज है। 24 जनवरी 2019 को उप्र सरकार के प्रमुख सचिव मनोज सिंह ने शासनादेश जारी किया था कि गड़रिया समाज के धनगर और नींखर दो भाग हैं।
शासनादेश में सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट आदेश हैं कि धनगर समाज के लोगों के अनुसूचित प्रमाणपत्र बनाए जाएं। जिनके पूर्व में पिछड़ा वर्ग के प्रमाणपत्र बने हैं, उनके बदले उनके अनुसूचित प्रमाणपत्र बनाए जाएं।
समाज के एसपी सिंह बघेल और प्रेम पाल सिंह बघेल वर्तमान में सांसद और विधायक है। संपन्न लोगों को अलग व गरीब वर्ग को अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है।
यदि अनुसूचित प्रमाणपत्र नहीं बनाए गए, तो पाल समाज जनवरी के पहले सप्ताह से तहसील जसवंतनगर के अधिकारियों के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगे।