इटावा। नवरात्र के अंतिम दिन मंदिरों और घरों में माता सिद्धिदात्री की पूजा की गई। कालीबांह मंदिर, श्रीकालीबाड़ी मंदिर, आनंदी माता, लखना के कालिका मंदिर में दर्शन और पूजन के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। कन्या भोज भी कराया गया। गुलाल उड़ाते और थिरकते हुए श्रद्धालुओं ने झंडे भी निकाले। कई भंडारा कर प्रसाद बांदा गया।
बकेवर संवाद के अनुसार पूरे दिन देवी मंदिरों और दुर्गा पूजा पंडालों और घरों में हवन-पूजन चलता रहा। जगह-जगह भंडारा हुआ। लखना के कालका देवी मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भीड़ अधिक होने से बस अड्डा तिराहा पर जाम लगा रहा। मातन टोला में माता देवी और भिटारी मोहाल और पक्का तालाब पर काली देवी मंदिर में भी जयकारे गूंजते रहे। सर्राफा बाजार, ठाकुरान मोहाल, कैनाल रोड आदि स्थानों पर पंडालों में हवन किया गया।
यात्रा निकालकर किया जवारों का विसर्जन
सैफई। तहसील क्षेत्र में नवरात्र के पहले दिन मंदिरों और घरों में कलश स्थापित कर जवारे बोए गए थे। नौ दिन तक श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर मां की आराधना की। अंतिम दिन पूजा-अर्चना के बाद जवारों की शोभायात्रा निकाली गई। हैवरा बहादुरपुर में भी जवारा यात्राएं निकलीं। जवारों का विसर्जन दुर्गा मां मंदिर हैवरा कोठी पर किया गया। ग्राम प्रधान नितुल प्रताप यादव, दिनेश आचार्य, सुरेंद्र सिंह, संजीव यादव, राजीव कुमार, अखराम सिंह, प्रदीप, मुन्ना यादव, पिंकू यादव, दिलशाद आदि मौजूद रहे।
कालिका देवी मंदिर के अंदर उमड़ी देवी भक्तों की भीड़- फोटो : ETAWAH
काली बांह मंदिर में पूजा करने के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु- फोटो : ETAWAH
देवी गीतों पर झूमते श्रद्धालु झंडा चढ़ाने जाते हुए।- फोटो : ETAWAH