हनुमानपुरा चौराहे पर प्राइवेट दुकानों से डीएपी खाद ले जाता किसान
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चकरनगर। सरसों बुवाई के लिए डीएपी खाद नहीं मिल रही है। सात दिनों से किसान डीएपी के लिए चक्कर काट रहे हैं। क्षेत्र में 35000 हेक्टेयर सिंचित-असिंचित भूमि पर सरसों की फसल बोई जानी है।
विकलांग सुखबीर सिंह बताते हैं कि एक हफ्ते से लगातार डीएपी खाद के लिए घूम रहे हैं। सरसों की बुवाई का समय है। खाद न मिलने पर बिना खाद के अपनी फसल बोई है। भूरे कुशवाह डीएपी के लिए लगातार घूम रहे हैं। उनका कहना है कि खाद का वितरण हो चुका है। खाद आ रही है, कहकर टरका दिया जाता है। राजेंद्र सिंह कहते हैं कि गरीब आदमी को खाद मिल नहीं रही है। प्रभावशाली लोगों को खाद मिल रही है। वे अपने नाते रिश्तेदारों को भी दिलवा रहे हैं।
निजी दुकान की डीएपी में कंकड़-पत्थर निकल रहे। शमसुद्दीन ने बताया कि उन्होंने लखना की एक निजी दुकान से महंगे दामों पर दो डीएपी की बोरी खरीदी। बोरियों के अंदर कंकड़-पत्थर युक्त खाद निकली। सीमावर्ती मध्य प्रदेश के किसान भी कस्बा चकरनगर में डीएपी खाद के लिए चक्कर लगाते देखे जा रहे हैं ।
जिला सहकारी बैंक प्रबंधक रूपेश राजावत ने बताया कि खाद का वितरण पूर्णतया नियमानुसार किया जा रहा है। समितियों पर बिक्री की गई खाद के अभिलेखों की जांच की जाएगी। किसानों को सरसों बुवाई के लिए समितियों पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
ऊसराहार। ताखा ब्लॉक क्षेत्र में डीएपी खाद की किल्लत को देखते हुए तहसील स्तर के अधिकारियों ने तहसील क्षेत्र में किसान सेवा सहकारी समिति व संघ का निरीक्षण किया। उपजिलाधिकारी ताखा सत्यप्रकाश मिश्रा ने किसान सेवा सहकारी समिति ताखा का निरीक्षण किया। खाद की गाड़ी मंगलवार शाम को आ चुकी है। उसका वितरण किसानों को किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही रैक आने वाली है। डीएपी खाद की कमी को दूर कर दिया जाएगा। किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी मिलेगी। तहसीलदार ताखा जगदीश सिंह ने कस्बा ऊसराहार स्थिति सहकारी समिति व संघ का निरीक्षण किया। (संवाद)