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Etawah News: आठ माह से सीटी स्कैन मशीन खराब, नई का ढाई माह इंतजार

Mon, 16 Oct 2023 12:18 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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सैफई। आयुर्विज्ञान विवि में करीब आठ माह से खराब चल रही सीटी स्कैन मशीन अभी ढाई माह तक और नहीं बदली जा सकेगी। सरकार की ओर से नई मशीन के लिए अगस्त में सही कराने के बाद भी जनवरी में मशीन लगने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में मरीज परेशान हैं।
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उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में स्थित सीटी स्कैन मशीन आठ माह से खराब चल रही है। ऐसे में आयुर्विज्ञान विवि की ओपीडी और जिला अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विवि प्रशासन की ओर से करीब तीन माह पहले मरीजों की समस्याओं को देखते हुए सीटी स्कैन कराने वाले मरीजों की एमआरआई आधे रुपयों में की जाने के आदेश दिए गए थे।
इसके बाद एमआरआई मशीन से सीटी स्कैन आधे दामों पर कराया तो जाने लगा, लेकिन सीटी स्कैन के रुपये से लगभग 750 रुपये अधिक मरीजों को खर्च करने पड़ रहे हैं। 23 अगस्त को इंजीनियरों की टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर सर्वे भी किया था। उन्होंने रिपोर्ट तैयार करके उच्चाधिकारियों को देकर जल्द ही मशीन लगवाने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद डेढ़ माह बाद भी इसकी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। उधर, एमआरआई मशीन पर भी पुरानी होने की वजह से उसकी सांसें भी लगातार फूल रही हैं।
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ओपीडी में आते हैं तीन से 4000 मरीज, 70 को लिखते सीटी स्कैन
मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन तीन से चार हजार मरीज ओपीडी में दिखाने आते हैं। वहीं, 500 से 700 तक मरीज इमरजेंसी में दिखाने आते हैं। इनमें से लगभग 70 मरीजों को सीटी स्कैन कराने की जरूरत पड़ती है, लेकिन आठ माह से मशीन खराब होने की वजह से मरीजों को सीटी स्कैन की जगह एमआरआई की जांच लिखी जा रही थी। ऐसे में मरीजों को खासी परेशानी हो रही थी। उधर, जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भी पांच से दस मरीज करने आते हैं।




2007 में लगी थी सीटी स्कैन मशीन::::


सैफई विवि में इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में मशीन सिमिन कंपनी की ओर से वर्ष 2007 में सीटी स्कैन मशीन लगाई थी। इसमें 10 वर्ष तक तो काम सही किया, लेकिन 2017 से लगातार खराबी आने लगी। कंपनी की ओर से कुछ सालों तक मरम्मत कराई गई, लेकिन आठ माह पहले मशीन कंडम स्थिति में आ गई थी।


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प्रमुख सचिव और डिप्टी सीएम मशीन सही कराने का दे चुके हैं आश्वासन
प्रमुख सचिव ने पिछले वर्ष 2022 जुलाई में निरीक्षण किया था। इस दौरान सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन खराब होने का उनके सामने मुद्दा उठा था। उन्होंने दोनों ही मशीनों को जल्द सही कराने के लिए निर्देश दिए थे। 2023 मई में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक भी निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे, जहां पर कई मरीजों के तीमारदारों ने उनसे सीटी स्कैन एमआरआई सही करवाने के लिए बोला था। उन्होंने भी निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक यहां पर मशीनों में से एक भी मशीन सही नहीं हो सकी थी।




केस 1::::

जिला मैनपुरी निवासी गुरुवेश ने बताया कि वह अपने पिता नवरत्न सिंह (52) की सैफई विवि की इमरजेंसी में लेकर आए यहां डॉक्टरों ने सीटी स्कैन लिखा है। यहां पर मशीन खराब होने की वजह से अधिक दामों में एमआरआई करानी पड़ रही।





केस 2


जिला मैनपुरी के घिरोर निवासी मोहन ने बताया कि उसके भाई सत्यम (18) हादसे में घायल हो गया था। इसकी वजह से सिर में काफी चोट आई थी। सैफई विवि की इमरजेंसी में लेकर आए यहां डॉक्टरो ने सीटी स्कैन लिखा है। यहां पर मशीन खराब होने की वजह से एक हजार कि जगह 1750 देकर सीट स्कैन की जगह एमआरआई करानी पड़ रही।





वर्जन



शासन को लगातार पत्र भेजे जा रहे थे। इस पर शासन ने नई सीटी स्कैन मशीन लगाने की मंजूरी दे दी है। 23 अगस्त को फिलिप्स कंपनी के इंजीनियर श्याम मुरली मनोहरधर द्विवेदी अपनी टीम के साथ सर्वे किया है। जनवरी से पहले यहां पर सीटी स्कैन मशीन लगा दी जाएगी। -प्रो/डॉ. एसपी सिंह, विश्वविद्यालय के चिकित्सा अधीक्षक।
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