अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में बवाल के दौरान प्रशासनिक भवन में तोड़फोड़ के मामले में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ लोक संपत्ति निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मिनी पीजीआई में एमबीबीएस छात्र दिग्विजय सिंह की बीमार मां की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसे खून उपलब्ध नहीं कराया जिसके कारण छात्र की मां की मौत हो गई। इसको लेकर छात्रों में आक्रोश पैदा हो गया। उन्होंने 15 सितंबर को प्रशासनिक भवन में जमकर तोड़-फोड़ की थी। इस घटना को लेकर छात्रों ने हड़ताल की थी। बुधवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया था। इसके बाद वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी केवी अग्रवाल ने अज्ञात एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ प्रशासनिक भवन में तोड़फोड़ करने पर लोक सम्पत्ति निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। इससे पहले कुलपति आवास में की गई तोड़फोड़ एवं पथराव की रिपोर्ट भी कुलपति की पत्नी गीता प्रभाकर की ओर से 200 अज्ञात एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ दर्ज कराई जा चुकी है।
-मेडिकल छात्रों के खिलाफ तोड़फ ोड़ की एक और रिपोर्ट दर्ज
-सैफई आयुर्विज्ञन विश्वविद्यालय का मामला
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