नदी में डूबी बच्चे की मां शीला गुहार लगाती हूई। संवाद
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चकरनगर। यमुना नदी में शनिवार दोपहर जानवरों को पानी पिलाते समय थाना चकरनगर के रम्मपुरा गांव में ठहरे आदिवासियों के तीन बच्चे डूब गए। चरवाहों ने दो बच्चों को नदी से सकुशल बाहर निकाल लिया। एक बच्ची लापता है। उसका कोई सुराग नहीं लगा है।
नदी से सकुशल निकाले गए पूनम व गणेश उर्फ गुड्डू ने बताया रोज की भांति जानवरों को जंगल से चराते हुए नदी में दोपहर एक बजे पानी पिलाने लाए थे। सभी लोग जानवरों को नदी में छोड़ने के बाद गर्मी लगने के कारण रोज की तरह कपड़े उतार कर पानी में नहाने लगे। तीनों गहरे पानी में चले गए और डूब गए। चीखपुकार सुनकर दौड़े चरवाहों ने नदी में कूदकर उन दोनों को बचा लिया, लेकिन सुल्पा नदी में डूब गई। सूचना पर सीओ चकरनगर राकेश वशिष्ठ, अतिरिक्त सीओ विवेक जावला, इंस्पेक्टर सुनील कुमार स्थानीय गोताखोरों को बुलाकर नदी में जाल लगवाया और तलाश कराई, लेकिन किशोरी का कोई पता नहीं चल सका।
मध्य प्रदेश ग्वालियर क्षेत्र के आदिवासी लच्छीराम बताते हैं कि खेती-बाड़ी में मजदूरी कर परिवार पालते है। जानवरों को पानी पिलाते समय नदी में बेटी डूब गई। मां शीला अधिकारियों के आगे हाथ जोड़कर अपनी बेटी को खोजने के लिए गुहार कर रही है। मां हर आने-जाने वाले के हाथ जोड़कर यही कह रही है कि बेटी को नदी से ढूंढ कर ला दो।