बकेवर (इटावा)। मथुरा निवासी रामजन्म भूमि थाने में तैनात सिपाही योगेश चौहान की हत्या के तार कहीं न कहीं लवेदी क्षेत्र से ही जुड़े हैं। कॉल डिटेल से संदेह के दायरे में आई महिला सिपाही और उसकी बहन भी योगेश के साथ इटावा तक आई थी। पुलिस आशंका जता रही है कि हत्या की साजिश रचकर ही योगेेश को यहां तक लाया गया था। शक के घेरे में आई महिला सिपाही भी लवेदी थाना क्षेत्र निवासी बताई जा रही है।
सिपाही योगेश चौहान के भाई सुनील चौहान व अन्य परिजन हत्या का मामला दर्ज कराने को पिछले पांच दिन से अयोध्या व इटावा के चक्कर काट रहे हैं। सिपाही योगेश की मौत की वजह पोस्टमार्टम में उसके सिर में किसी वजनी चीज के प्रहार के बाद कोमा में जाने से आई। उसका विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है। योगेश सात अक्तूबर को अपनी तैनाती थाना अयोध्या से सात दिन का अवकाश लेकर घर के लिए चला था। उसी थाना में तैनात एक महिला सिपाही भी उसी दिन अवकाश पर आई थी। जो इटावा जनपद के लवेदी थाना क्षेत्र की रहने वाली है। पुलिस ने मामले में गुमशुदगी के बाद छानबीन की और सिपाही योगेश के फोन की कॉल डिटेल निकाली तो उसी के थाने में तैनात महिला सिपाही संदेह के दायरे में आई।
संदेह के दायरे में आई महिला सिपाही की बड़ी बहन महिला पुलिस मथुरा जनपद में तैनात है। आगरा में रहती है। अयोध्या पुलिस महिला सिपाही उसकी बहन व एक अन्य युवक को आगरा से पूछताछ के लिए पकड़ कर ले गई थी। रामजन्मभूमि थाना प्रभारी राहुल कुमार ने बताया था कि पुछताछ के लिए महिला सिपाही को पकड़ा गया है। सिपाही योगेश चौहान व महिला सिपाही की फोन की लोकेशन सात अक्तूबर को शाम सात बजे एक साथ लखनऊ में और फिर रात करीब 10 बजे औरैया में मिली।