शहर के लोगों को जाम के झाम से बचाने के लिए यातायात महकमे ने कमर कसी है। इसके लिए प्रमुख बाजारों में वन वे सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके अलावा शहर के अंदर गलत ढंग से पार्किंग पर रोक लगेगी। इसके लिए एक क्रेन शहर में घूम घूमकर गलत पार्किंग वाले वाहनों को उठाकर ले जाएगी।
सीओ ट्रैफिक चंद्रदेव यादव बताते हैं कि जाम की समस्या से निजात के लिए इसे सख्ती से पालन कराया जाएगा। जाम में फंसने से बचने के लिए यातायात विभाग ने यूपी ट्रैफिक एप की सुविधा शुरू करने की तैयारी की है।
लेकिन अभी यह सुविधा प्रदेश के गिने चुने शहरों में शुरू हो रही है, इटावा इसमें शामिल नहीं। यदि यूपी ट्रैफिक एप में इटावा शामिल हो जाए तो यहां के नागरिकों को जाम के टेंशन से मुक्ति मिलेगी। सीओ ट्रैफिक चंद्रदेव यादव का कहना है कि ट्रैफिक एप की सुविधा के लिए इटावा को अभी इंतजार करना होगा।
फिलहाल शहर में जाम के झाम से निजात दिलाने के लिए वन वे ट्रैफिक के नियम को सख्ती से पालन कराने की तैयारी है। चूंकि इटावा की शहर सड़कें संकरी है। इस कारण से यहां जाम की समस्या से वन वे ट्रैफिक कुछ राहत दिला सकती है।
सीओ ट्रैफिक का मानना है कि शहर में जाम के लिए व्यवस्थित ट्रांसपोर्ट नगर न होना भी बड़ी वजह है। जहां एक ओर शहर में जगह-जगह मोटर मैकेनिक रोड किनारे वाहनाें को खड़ा करके वाहन दुरुस्त करते है। ऐसे में जाम लगता है और यह जाम पूरे शहर क ी यातायात व्यवस्था को प्रभावित करता है। सीओ ट्रैफिक का कहना है कि शहर में एक नियत स्थान पर ट्रांसपोर्ट नगर बनाने के लिए प्रयासरत हैं।