हरौली गौशाला में निरीक्षण करने पहुंचे उप जिला अधिकारी चकरनगर मलखान सिंह व अन्य
- फोटो : ETAWAH
चकरनगर। सड़कों पर छुट्टा गोवंश घूम रहे हैं। कागजों में गोशालाएं संचालित हो रही हैं। ऐसी ही गोशालाओं की पोल सोमवार को उस समय खुली, जब एसडीएम चकरनगर गोशालाओं के इंतजाम देखने पहुंच गए। हरौली, नौगावा की गोशाला में एक भी गोवंश नहीं मिला है। कागजों में संचालित गोशालाओं की पोल खुलने पर जिम्मेदार अमले में हड़कंप है।
‘अमर उजाला’ ने आवारा गोवंश की समस्या की खबर रविवार के अंक में ‘बाजारों में मवेशियों का जमघट’ शीर्षक खबर प्रकाशित की। खबर का अधिकारियों ने संज्ञान लिया। सोमवार को एसडीएम मलखान सिंह और नायब तहसीलदार संदीप सिंह हरौली बहादुरपुर गोशाला का निरीक्षण करने पहुंचे। मौके पर उन्हें कोई भी गोवंश नहीं मिला । मवेशियों के रखरखाव, चारा-दाना, पानी किसी प्रकार की व्यवस्था मौके पर नहीं मिली।
गोशाला का मुख्य द्वार खुला पाया गया। गोशाला से संबंधित कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं मिला। नौगांवा गोशाला के मुख्य द्वार पर ताला लगा मिला। राजस्व कर्मियों ने अंदर देखा तो कोई भी गोवंश नहीं था। कोई कर्मचारी भी गोशाला में नहीं मिला।
एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों से पूछताछ पर पता चला कि दोनों गोशालाओं में लंबे समय से गोवंशों को संरक्षित नहीं किया गया है। गोशाला का संचालन महीनों पहले बंद हो गया था। गोवंशों के ठहराव का कोई प्रमाण भी नहीं मिला है। बताया कि रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।