ऊसराहार। मौहरी गोशाला में ठंड से एक गोवंश की मौत हो गई और एक की हालत गंभीर है। कड़ाके की ठंड से बचाव को लेकर शासन गोवंश को जूट के कोट पहनाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन यहां अभी तक जूट के बोरे उपलब्ध नहीं हो सके हैं।
सरकार ने गोवंशों के लिए बनाए गए आश्रय स्थल में उचित व्यवस्था न कर पाने की वजह से आए दिन गोवंशों की मौत हो रही है। कभी भूख से कभी उचित उपचार न मिलने की वजह से भी मौत हो जाती है।
चार माह पहले ही मौहरी गोशाला को प्रशासन ने शुरू कराया है। जिसमें परौली रमायन से कमजोर व बीमार गोवंशों को रखा जाता है। गोशाला शुरू होने के कुछ दिन बाद से ही गोवंशों के मरने का सिलसिला शुरू हो गया, जो जारी।
पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. रवि कुमार ने बताया कि गोशाला में मरने वाली गोवंश काफी कमजोर थे, जिसका इलाज किया जा रहा था। ठंड से बचाने के लिए प्लास्टिक तिरपाल से टिनशेड को चारों तरफ से बांधा गया है, लेकिन बीमार होने के साथ ठंड से मौत हो गई।