इटावा। विधान सभा चुनाव के लिए नवीन गल्ला मंडी अधिग्रहीत कर लिए जाने पर अब व्यापारियों को अपने कारोबार का तरीका बदलना पड़ा है। फल और सब्जी मंडी तो चार दिन बाद शुरू हो जाएगी। गल्ला मंडी मतगणना यानी 10 मार्च के बाद ही खुल सकेगी। आलू और अनाज का कारोबार गल्ला मंडी से ही होता है। ऐसी स्थिति में अनाज और आलू के व्यापारी फोन पर ही कारोबार कर रहे हैं।
आलू कारोबारी राजेंद्र सिंह का कहना है मंडी अधिग्रहण से दिक्कत है। मंडी में उतरने वाला आलू कोल्ड स्टोरेज पर उतारना पड़ रहा है। पहले किसान आलू लेकर मंडी पहुंच जाता था। वहीं पर आलू का सौदा हो जाता था। आलू की गुणवत्ता के अनुसार उसका भाव भी तय हो जाता था। मंडी से ही आलू बाहर के लिए ट्रकों में लोड हो जाता था। अब आलू की क्वालिटी देखने के लिए व्यापारियों को खेतों की तरफ रुख करना पड़ रहा है। रोजाना 12 से 15 हजार बोरी आलू कोल्ड स्टोरेज पर उतरवा रहे हैं। यहीं से आलू बेच रहे हैं।
गेहूं कारोबारी सतीश आढ़ती का कहना है कि उनकी दुकान समेत आसपास की दुकानें स्ट्रांग रूम के लिए अधिग्रहीत की गईं हैं। चुनाव की वजह से दस दिन तक कारोबार ठप रहेगा। दूसरे स्थान से कारोबार नहीं चला सकते। पुराना गेहूं भी नहीं मंगवा सकते। कचौरा रोड स्थित कोल्ड स्टोर संचालक श्रीनिवास का कहना है उनके कोल्ड स्टोरेज में कचौरा, जसवंतनगर और सिरसागंज का आलू रखा जाता है। हालांकि अभी आलू खोदाई न के बराबर चल रही है। 25 फरवरी को आलू रखने का मुहूर्त है।
जिले में 59 कोल्ड स्टोर हैं। कुल क्षमता आठ लाख 40 हजार मीट्रिक टन है। जिले में आलू का कुल रकवा 20 हजार हेक्टेयर है। आलू की खोदाई 16 फरवरी से शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन थोड़ी बहुत हो सकी है। 10 अप्रैल तक कोल्ड स्टोर में आलू रख दिया जाएगा। बहुत ज्यादा तापमान नहीं रहता।
-सुनील कुमार, जिला उद्यान अधिकारी