फोटो संख्या 14 जसंवतनगर पहुंचे एएसपी क्राइम
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जसवंतनगर। युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट छेड़खानी की धाराओं में दर्ज करने से नाराज महिलाओं और ग्रामीणों ने रविवार को थाना परिसर में हंगामा किया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों का बचाव कर रही है। जब पीड़िता दुष्कर्म का आरोप लगा रही है तो उसकी मेडिकल जांच क्यों नहीं कराई गई। पीड़िता के परिजनों ने एसएसपी आकाश तोमर से मिलकर पुलिस के रवैय की शिकायत की। परिजनों ने आरोप है कि आरोपियों को सत्तारूढ़ दल के नेताओं का संरक्षण मिल रहा है। इसलिए पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है।
क्षेत्र के एक गांव की युवती ने दो नामजद तथा दो अज्ञात लोगों के खिलाफ दुष्कर्म बलात्कार व मारपीट का आरोप लगाया। पिता ने जसवंतनगर थाने में तहरीर दी। पुलिस ने छेड़खानी तथा मारपीट कर मामला दर्ज कर लिया था। दुष्कर्म की धाराओं को रिपोर्ट में शामिल नहीं किया। मारपीट की घटना के आधार पुलिस जब युवती को जिला अस्पताल लेकर पहुंची तो वहां केवल सिर में लगी चोट का डाकटरी परीक्षण हुआ। दुष्कर्म की पुष्टि के संबंध में परीक्षण नहीं कराया। इतनी जानकारी मिलते ही युवती के परिजन भड़क गए। युवती ने थाने के दरोगा पर आरोप लगाया कि उसके पिता ने जो रिपोर्ट दी है वह पुलिस ने नहीं लिखी। उसके पिता व भाई को धमकाते हुए अपने तरीके से रिपोर्ट लिखवा दी और उसके हस्ताक्षर करवा लिए। रविवार की सुबह पीड़ित परिवार तथा गांव के सैकड़ों लोग जसवंतनगर थाने पहुंचे और हंगामा करने लगे। प्रभारी निरीक्षक अंजन कुमार ने उन्हें किसी प्रकार समझाया।
इसी बीच युवती के परिजन एसएसपी से मिलने पहुंचे। उन्होंने एएसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद को मौके पर भेजा। उन्होंने पीड़ित युवती के बयान दर्ज कराए और मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। उन्होंने बताया कि इस संबंध मे पूरी जांच पड़ताल कर रहे हैं।