इटावा। चौबिया क्षेत्र के बीना कस्बे में पेट्रोल पंप के पास में एक ही नाम से बसों का संचालन करने को लेकर हुए विवाद में दो कारों से आए लोगों ने बिधूना-औरैया से नोएडा जा रही यात्रियों से भरी डबल डेकर बस को ओवरटेक कर रोक लिया और चालक व परिचालक को जमकर पीटा।
फायरिंग करते हुए बस में तोड़फोड़ की। हमले से बस पर सवार यात्रियों में चीख पुकार मच गई। बस के चालक व परिचालकों ने भागकर जान बचाई। इसके हमलावर गाली व धमकी देकर भाग गए।
चालक व परिचालक ने 40,000 रुपये, दो मोबाइल व कागजात लूटे जाने की बात भी कही है। सूचना पाकर पहुंची थाना पुलिस ने यात्रियों को दूसरी बसों से गंतव्य को भेजा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बस सीज कर दी है। यह बस तय रूट व नियमों के विपरीत सड़क पर दौड़ रही थी।
औरैया के बिधूना से सौरिख, ऊसराहार, कर्री, बीना और टिमरुआ होकर तमाम डग्गामार बसें दिल्ली व नोएडा जाती हैं। बुधवार की रात आठ बजे यात्रियों से भरी डबल डेकर बस बिधूना औरैया से दिल्ली जा रही थी।
बस औरैया के थाना एरवाकटरा क्षेत्र के कटैया निवासी पुष्पेंद्र कुमार चला रहा था, जबकि औरैया के ही पुरवा रावत निवासी भावेश कुमार उर्फ बड़े परिचालक के रूप में बस पर बैठा था। बस थाना चौबिया क्षेत्र के बीना गांव के पास पहुंची।
उसी दौरान दो कारों से आए 8-10 लोगों ने बस को ओवरटेक कर रोक लिया। चालक पुष्पेंद्र ने बताया कि कार से उतरते ही युवकों ने मारपीट शुरू कर दी। हत्या करने के इरादे से हमलावरों ने फायरिंग भी की। बस से शीशे तोड़ डाले।
किसी तरह उसने व साथी ने वहां से भागकर जान बचाई। शोर मचाने और लोगों के इकट्ठा होने पर हमलावर भाग गए। घटना के वक्त बस में 70 सवारियां थी, जो दिल्ली जा रही थीं।
बकौल पुष्पेंद्र ने हमलावरों के भागने के बाद बस मालिक सामपुर बिधूना निवासी जितेंद्र सिंह को दी। जितेंद्र की सूचना पर चौबिया पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंची।
पुष्पेंद्र का आरोप है कि हमलावर 40000 रुपये, दो मोबाइल फोन व जरूरी कागजात भी लूटकर ले गए। बस मालिक जितेंद्र सिंह ने थाने में चार नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
हत्या का प्रयास व अन्य धाराएं लगीं
पुलिस ने धनवाली थाना बिधूना औरैया के सतेंद्र परिहार, सतेंद्र यादव, कुलदीप कुमार और बसरेहर इटावा के आशानंदपुर गांव निवासी राहुल यादव के खिलाफ हत्या का प्रयास, तोड़फोड़, मारपीट, धमकी समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज दर्ज की है।
थाना प्रभारी अंकुश यादव ने चारों आरोपियों व कुछ अज्ञात पर एफआईआर दर्ज करने की पुष्टि की। बताया कि लूट का आरोप निराधार है। बताया कि आरोपियों की तलाश में घरों व संभावित ठिकानों पर दबिशें दी गई, लेेकिन कोई नहीं मिला।
बकौल थाना प्रभारी आरोपी और पीड़ित एक-दूसरे से पहले से परिचित हैं। दोनों ही सतेंद्र सिंह नाम से बसों का संचालन करना चाहते हैं। इसी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा है।
वृंदावन में दो दिन पहले हुआ था झगड़ा
चौबिया पुलिस की मानें तो दो दिन पहले दोनों बसों के लोगों ने वृंदावन में झगड़ा हुआ था। उस वक्त किसी तरह मामला सुलझ गया था। तब थाने में दोनों पक्षों ने कोई तहरीर भी नहीं दी थी।
अब बुधवार की रात चौबिया थाना क्षेत्र में उसी घटना को लेकर एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पर हमला किया है। मामले की जांच की जा रही है।